Prayagraj News : उमेश पाल की मां शांति पाल।
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त्योहार से पहले घर में घुसकर खेली गई खून की होली ने उमेश पाल के परिजनों की रंगों की होली में आग लगा दी है। होली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, मां, पत्नी और बच्चों के कलेजे पर दुखों का पहाड़ ऊंचा होता जा रहा है। रविवार को होली का नाम आते ही मां शांति बिलख पड़ीं। बोलीं, रंगे चले न चले, मेरे खातिर क्या? होली के रंग तो दिल में सुलग रहे हैं। मेरी खुशियों में आग लग गई है। उनका कहना था कि होली के दूसरे दिन नौ मार्च को तेरहवीं के बाद वह सीएम योगी से मिलकर अपने बेटे के इंसाफ के लिए गुहार लगाएंगी।
उमेश पाल की हत्या के बाद पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने, सजा दिलाने के लिए जो बड़े-बड़े वादे किए थे, कातिलों को सबक सिखाने का भरोसा दिलाया था, वह सब बेटे की हत्या के 10 दिन बाद शांति के लिए कोरा साबित हुआ है। वह कहती हैं कि पुलिस अभी तक बदमाशों की परछाईं तक नहीं पकड़ पाई है। मैं घर के बाहर नहीं निकल रही हूं।