दिसंबर और जनवरी में ही शाइस्ता मेयर पद के लिए टिकट के लिए प्रयासरत थीं। अतीक के मुंशी राकेश लाला और ड्राइवर कैश अहमद ने बताया कि शाइस्ता परवीन ही अपने बेटे असद के माध्यम से पैसों का लेनदेन करती थीं। उमेश हत्याकांड से पहले और बाद में शूटरों और उनके परिवार वालों को लाखों रुपये शाइस्ता ने दिए थे।
हत्याकांड के बाद साबिर के घर वालों को एक लाख और अरमान के भाई को 50 हजार पहुंचाए गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रजिस्टर में जितने लोगों के नाम लिखे हैं। सबकी सूची तैयार की जा रही है। उनसे पूछताछ की जाएगी।
उमेश पाल की हत्या के लिए जिन शूटरों को चुना गया था, उनकी अतीक के घर में कई बार बैठक हुई थी। उनसे बताया गया था कि उमेश के कारण ही अतीक और परिवार वाले मुसीबत में हैं।
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सबसे वादा किया गया था कि काम होने के बाद उन्हें लाखों रुपये और कार दी जाएगी। सभी को पहले से ही आईफोन और पेशगी के रूप में रुपये दिए गए। मुंशी राकेश लाला ने पुलिस से बताया था कि सबको अलग अलग राशि दी गई थी।