माफिया अशरफ की पत्नी जैनब के मकान को ध्वस्त करता बुलडोजर।
- फोटो : अमर उजाला।
पैतृक घर ढहाए जाने के बाद से इसी मकान को बनाया ठिकाना
वक्फ की जमीन पर बना जो मकान रविवार को कुर्क किया गया, उसे जैनब ने काफी समय पहले से ही ठिकाना बनाया हुआ था। इस मकान में उमेश पाल हत्याकांड के कुछ दिनों बाद तक जैनब रही। मुकदमे में नाम आने के बाद वह घर छोड़कर फरार हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 2020 में अतीक-अशरफ का चकिया स्थित पैतृक मकान ढहाए जाने के बाद जैनब काफी दिनाें तक हटवा गांव स्थित अपने मायके में रही थी।
उसके हटवा गांव में रहने के दौरान कई बार पुलिस ने फरार चल रहे अशरफ की तलाश में वहां दबिश दी। सितंबर 2020 में विकास प्राधिकरण ने उसके भाई जैद मास्टर के हटवा स्थित मकान को भी ढहा दिया। 600 वर्ग गज जमीन में बने इस आलीशान मकान पर बुलडोजर चलवा दिया गया। इसके बाद जैनब रिश्तेदारों व करीबियों के घर में रही। एक साल पहले उसने पूरामुफ्ती के अकबरपुर, सल्लाहपुर स्थित वक्फ संपत्ति पर बने एक मकान को अपना ठिकाना बना लिया था।
माफिया अशरफ की पत्नी जैनब के मकान को पीडीए ने किया ध्वस्त।
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वक्फ संपत्ति कब्जाने, बेचने में भी है नामजद
जैनब वक्फ की 50 करोड़ की संपत्ति कब्जाने व बेचने में भी अपने दो भाइयों व चार अन्य संग नामजद है। इनमें वक्फ संपत्ति का मुतवल्ली असियम व उसकी बीवी जिन्नत भी शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुतवल्ली ने ही जैद मास्टर के कहने पर जैनब को यह मकान रहने के लिए दिलवाया था। मुतवल्ली जैद मास्टर का बेहद करीबी है। जैद व उसके भाई सद्दाम की मदद से ही उसने वक्फ की संपत्ति पर अवैध कब्जा कर इसे बेचा था। जैद मास्टर जैनब के सात भाइयाें में से सबसे बड़ा है और कौशाम्बी स्थित इंटर कॉलेज में प्रवक्ता है। उसके दो भाई कमर व फैजी सऊदी अरब में रहते हैं। जैनब उर्फ रूबी उसकी पांच बहनों में से तीसरे नंबर की है।
24 फरवरी को हुई थी उमेश पाल की हत्या
विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके दो सुरक्षा कर्मियों की दिनदहाड़े गोली मारकर 24 फरवरी को हत्या कर दी गई थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। जिसमें माफिया अतीक अहमद का बेटा असद के साथ ही गुड्डू मुस्लिम, गुलाम हसन, साबिर और अरमान भी नजर आए थे। असद और गुलाम हसन को पुलिस ने झांसी में एनकाउंटर में मार गिराया था। गुड्डू मुस्लिम, अरमान और अरमान फरार चल रहे हैं। तीनों के ऊपर पुलिस ने पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
अतीक और अशरफ की हो चुकी है हत्या
अतीक और अशरफ की 15 अप्रैल, 2023 को मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय काल्विन अस्पताल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दरअसल रात में अतीक अहमद और अशरफ को प्रयागराज में मेडिकल कॉलेज के पास मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा था। अतीक और अशरफ मीडिया से बात कर रहे थे।
तभी मीडियाकर्मी बनकर पहुंचे हमलावरों ने अतीक के सिर के पास गन सटाकर गोली मार दी थी। इस दौरान हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की थी। गोली लगते ही अतीक और उसका भाई अशरफ जमीन पर गिर पड़े थे और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में तीनों हमलावरों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था।