गौरतलब है कि राकेश उर्फ नाकेश उर्फ लाला अतीक का नौकर है। पिछले दिनों उसे और उसके चार साथियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनकी निशानदेही पर अतीक अहमद के चकिया स्थित कार्यालय से 74 लाख नकद और 10 असलहे बरामद किए थे। उनसे पूछताछ में पता चला था कि उमेश पाल हत्याकांड में उन्होंने शूटरों की मदद की थी।
इसी क्रम में पुलिस ने 4 अप्रैल को कस्टडी रिमांड पर लेकर राकेश से पूछताछ की तो उसकी निशानदेही पर अतीक अहमद के चकिया स्थित मकान के खंडहर से एक बैग बरामद किया गया। इस बैग में रजिस्टर, एक आईफोन के अलावा दो आधार कार्ड बरामद हुए। इनमें से एक आधार कार्ड अतीक के बेटे अली का था।
दूसरा आधार कार्ड मोहम्मद साबिर पुत्र मुन्ने सिद्दीकी निवासी बरनाकोट आनापुर इलाहाबाद के नाम से था। खास बात यह है कि इस पर फोटो अली का लगा हुआ था। इस तरह से पुलिस का मानना है कि जालसाजी के लिए अली अहमद की ओर से यह दो आधार कार्ड बनवाए गए। धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्या ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।
शाइस्ता को इसलिए बनाया गया आरोपी
इस मामले में अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन को भी आरोपी बनाया गया है। दरअसल पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान राकेश ने बताया था कि घटना के बाद उसे यह बैग शाइस्ता परवीन ने ही दिया था और कहा था कि इसे छिपा कर रख दो। इसके बाद ही उसने रजिस्टर, आईफोन और आधार कार्ड से भरा यह बैग अतीक के चकिया स्थित मकान के खंडहर में छिपाया था। यही वजह है कि शाइस्ता को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा राकेश और मोहम्मद साबिर को भी नामजद कर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।