वो भी वहां से हट गए। इसके बाद प्लान बनाया गया कि उमेश के घर पर मारा जाए। उमेश से साथ ही दो सिपाहियों की हत्या का प्लान भी तैयार था। शूटरों को डर था कि सिपाही कार्बाइन से गोली चला सकते हैं। इसी कारण उन्हें भी साथ में मारना था। 24 फरवरी को हत्याकांड को अंजाम दे दिया गया।
मंत्री अजीत सिंह पाल ने परिजनों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश में इस समय कानून का राज है। माफिया को जड़ से उखाड़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हत्याकांड में शामिल जो शूटर अब तक फरार हैं, उन्हें जल्द पुलिस गिरफ्तार करेगी। इस घटना के बाद पुलिस माफिया को कुचलने में जुट गई है।