उमेश पाल हत्याकांड का मुख्य शूटर असद महंगी घड़ियों और फोन का शौकीन है। उसके पास कई विदेशी कंपनियों की घड़ियां और फोन भी है। मौजूदा समय में वह एप्पल आईफोन प्रयोग करता था। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ स्थित फ्लैट में छापेमारी के दौरान पुलिस को एक आईफोन मिला है।
उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों की गिरफ्तारी पर डीजीपी मुख्यालय ने 2.50-2.50 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इनमें घटना के मास्टर माइंड माफिया अतीक अहमद का फरार बेटा असद अहमद भी शामिल हैं। इसके अलावा घटना को अंजाम देने वाले शूटर अरमान, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और साबिर पर भी 2.50-2.50 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
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इससे पहले प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट ने पांचों शूटरों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। साथ ही, इनाम की धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव डीजीपी मुख्यालय भेजा था। जिसे डीजीपी ने मंजूरी दे दी है। आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर डीजीपी मुख्यालय इनाम की धनराशि को पांच लाख रुपये करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज सकता है।
सुलेम सराय में जीटी रोड पर दिन दहाड़े गोली-बम मारकर हुई इस हत्या की वारदात ने सबको हिला कर रख दिया था। राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या उनके घर के पास तब हुई थी, जब वह दरवाजे के पास अपनी क्रेटा कार से उतर रहे थे। इस घटना में उनकी सुरक्षा में लगाए गए दो गनर भी शूटरों की गोली खाकर शहीद हो गए।
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फिल्मी स्टाइल में हुई इस हत्या में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चिह्नित किए गए शूटरों को अब तक नहीं पकड़ा जा सका है। जबकि, एसटीएफ के अलावा पुलिस की टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश डाल रही हैं, लेकिन अभी तक उनकी सटीक लोकेशन नहीं मिल सकी है।
असद ने संभाल ली थी गैंग की कमान
उमेश पाल हत्याकांड में वांछित चल रहे अतीक अहमद के बेटे असद ने जरायम की दुनिया में छह महीने पहले ही कदम रख दिया था। भाई अली और उमर के सरेंडर कर जेल जाने के बाद अतीक गैंग की कमान उसने संभाल ली थी। वह अतीक की तरह ही गुर्गों को हुक्म देता था। माफिया के करीबी उसे छोटे कहकर पुकारते थे और वह गिरोह का संचालन लखनऊ के महानगर स्थित एक फ्लैट से करता था।
जिस फ्लैट से गिरोह का संचालन किया जाता था, पिछले दिनों एसटीएफ लखनऊ और प्रयागराज पुलिस की एक टीम ने इसी फ्लैट में छापा मारा था। इसके बाद ही पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि असद ने गैंग की कमान संभाल ली है और यह गिरोह रंगदारी मांगने समेत तमाम धंधे संचालित कर रहा है। दरअसल पुलिस को फ्लैट से 80 लाख रुपए का एक चेक मिला है।
यह एक बियरर चेक है। ऐसे में यह भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह चेक रंगदारी मांगने के किसी मामले से संबंधित तो नहीं है। पुलिस पता लगाने में जुटी हुई कि यह चेक किसने जारी किया है। खाता नंबर से उस शख्स का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जिसे यह पूछताछ की जाएगी कि आखिर उसने यह चेक कब, क्यों और किसे जारी किया।
सूत्रों का यह भी कहना है कि अतीक का दूसरे नंबर का बेटा अली पिछले साल जुलाई में जेल गया था। इसके कुछ दिनों बाद ही बड़े बेटे उमर ने भी सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। दोनों भाइयों के जेल जाने के बाद से ही असद आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था।। वह लगातार अतीक अहमद के गुर्गों के संपर्क में रहने लगा और धीरे-धीरे उसने गैंग की कमान भी संभाल ली।
गुर्गों को वह अपने पिता की तरह ही हुक्म देता था। जेल में दोनों भाइयों से मिलने जाता था और और अतीक अहमद के लिए प्रॉपर्टी डीलिंग समेत अन्य धंधों से रुपए जुटाने वाले सफेदपोशों के भी लगातार संपर्क में था। यह बात भी सामने आई है कि माफिया के करीबी उसे छोटे कहकर पुकारते थे।
महंगी घड़ियों और फोन का शौकीन है असद
सूत्रों का कहना है कि उमेश पाल हत्याकांड का मुख्य शूटर असद महंगी घड़ियों और फोन का शौकीन है। उसके पास कई विदेशी कंपनियों की घड़ियां और फोन भी है। मौजूदा समय में वह एप्पल आईफोन प्रयोग करता था। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ स्थित फ्लैट में छापेमारी के दौरान पुलिस को एक आईफोन मिला है।
आशंका जताई जा रही है कि यह आईफोन वही है जिसे असद प्रयोग करता था। अभी माना जा रहा है कि लोकेशन ट्रेस ना हो पाए, इसके लिए ही असद अपना फोन फ्लैट में ही छोड़कर घटना वाले दिन प्रयागराज पहुंचा था। फिलहाल इसकी जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं घड़ी की बात की जाए तो उसके पास स्विट्जरलैंड की नामी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की सेंट्रिक्स घड़ी है जो वह इन दिनों अक्सर पहले दिखाई पड़ता था और उसकी मौजूदा कीमत एक लाख से ज्यादा है।