1934 मॉडल की रॉल्स रॉयस कार
1934 और 1938 के दशक में रॉल्स रॉयस की सवारी महाराजाओं की पहचान मानी जाती थी। इस कार को स्टार ऑफ इंडिया भी कहा जाता था। इसके अलावा विंटेज कारों के और भी मॉडल लोग मांगते हैं।
कठिन होता है रखरखाव
विंटेज कारों का रखरखाव काफी मुश्किल होता है। कारों के कई पार्ट्स को बदला जाता है। इसके बाद इन कारों का ढांचा तो पुराना होता है, मगर अंदर से यह आधुनिक हो जाती हैं। प्रयागराज के अशोक नगर में एक मात्र लक्जरी वेडिंग कार रेंटल के नाम से संस्था है जो बुकिंग करती है। इनके पास पुरानी कारों में 1934 मॉडल और 1965 मॉडल की रॉल्स रॉयस मौजूद है। इसके अलावा अगर अधिक मांग होती है तो बाहर से कारों को मंगाया जाता है।
प्रयागराज में विंटेज कारों की मांग अधिक है। हर पांचवीं शादी में विंटेज कारों की बुकिंग होती है। इसके लिए कार के ढांचे को छोड़कर अन्य पार्ट्स को मोडीफाइ कराया जाता है, ताकि तकनीकी परेशानी का सामना लोगों को न करना पड़े। - आयुष, लक्जरी वेडिंग कार रेंटल, अशोक नगर