सब कुछ वही उसी तरह था लेकिन मीडियाकर्मियों और अतीक के गुर्गों की भीड़ उस तरह नहीं दिखी। आते वक्त तो पुलिस के काफिले के साथ सैकड़ों गाड़ियों का काफिला चल रहा था। जाते वक्त मीडिया की कुछ गाड़ियां साथ चल रहीं थीं। अतीक के लोग भी कुछ गाड़ियों से थे, लेकिन उतनी भीड़ नहीं थी। रास्ते में एक दो जगह पुलिस लाइन और थानों में गाड़ियों को रोका गया था।
रात में करीब आठ बजे पुलिस का काफिला साबरमती जेल के गेट पर पहुंच गया। यहां से गए अधिकारियों ने उमेश पाल अपहरणकांड में अतीक के सजायाफ्ता होने के दस्तावेज जेल अधिकारियों को सौंपे। दस्तावेज की जांच के बाद अतीक को जेल के अंदर ले जाया गया। इसके तुरंत बाद अतीक का मेडिकल कराया गया।
सूत्रों के मुताबिक अतीक अहमद को फिलहाल रात में उसी बैरक में रखा गया है, जहां पर उसे पहले रखा गया था। सजायाफ्ता होने के बाद अब उसकी बैरक बदल जाएगी। साबरमती जेल अधिकारी इस संबंध में बृहस्पतिवार को बैठक करेंगे।
कोटा में एक घंटे तक रुका रहा काफिला
पुलिस का काफिला बुधवार को सुबह नौ बजे तक कोटा पहुंचा। यहां पर थाने में अतीक और पुलिस टीम करीब एक घंटे तक थी। यहीं पर सब लोगों ने नाश्ता भी किया। इसके बाद टीम गुजराज के लिए रवाना हो गई।
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अतीक के वकील की गाड़ी से टकराया सांड़, मामूली चोटें आईं
अतीक के वकील विजय मिश्रा तथा एक अन्य वकील अपनी गाड़ी से पुलिस के काफिले के पीछे थे। कोटा, राजस्थान में विजय मिश्रा की गाड़ी के आगे सांड़ आ गया, जिससे टकरा कर गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। इस दुर्घटना में विजय मिश्रा और उनके साथी वकील को मामूली चोटें आईं।