दो मुकदमों में फर्जी समझौतानामा लगा कर ट्रायल कोर्ट में लंबित घरेलू हिंसा और मारपीट दो मुकदमे वापस करवा लिए। जबकि, दहेज उत्पीड़न का मामला रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट मेें याचिका दाखिल किया। याचियों के अधिवक्ता पवन कुमार ने दलील दी कि मामला पारिवारिक है। दोनों पक्षों में सुलह समझौता हो गया है। लिहाजा, यह मुकदमा भी रद्द किया जाना चाहिए।
कोर्ट में पेश पीड़िता के अधिवक्ता राजेश कुमार यादव ने समझौतानामे पर आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को अदालत में तलब किया। कोर्ट के आदेश पीड़िता तो पेश हुई, लेकिन चारों याची बीमारी का हवाला देकर गैरहाजिर रहे। पीड़िता ने समझौतानामे को फर्जी बताया है।
खफा कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए सभी याचियों पर दो लाख का जुर्मना लगा दिया। साथ ही ट्रायल कोर्ट में खत्म चुके दोनों मुकदमों में फिर से शुरू कराने की अर्जी दाखिल करने की इजाजत दे दी।