घायलों को एंबुलेंस से भेजा गया अस्पताल
घटना में चंद्रशेखर व लालचंद्र खून से लथपथ होकर तड़प रहे थे। राहगीरों ने उनकी हालत देख तत्काल सिराथू पुलिस चौकी को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। यहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बाइक नंबर के आधार पर शव की शिनाख्त कराई। इसके बाद महेवाघाट कोतवाली पुलिस को खबर देकर मृतक के घरवालों को सूचना दी गई।
सूचना पाते ही परिजन रोते-बिलखते जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरने के बाद लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इंस्पेक्टर सैनी तेज प्रताप सिंह का कहना है शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजनों ने घटना की तहरीर नहीं दी है। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
घर का इकलौता चिराग था लालचंद्र
बड़ी अढ़ौली गांव निवासी छेदीलाल के तीन बेटियों के बाद लालचंद्र हुआ था। बेटियों की शादी हो चुकी है। इकलौते बेटे से परिवार को काफी उम्मीदें थी। सुबह करीब 10 बजे जैसे ही छेदीलाल को जवान बेटे की मौत हो जाने की जानकारी मिली तो वह बदहवाश हो गए। उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था। आंखों से सिर्फ आंसू की धार बह रही थी। जिस बेटे को कुछ देर पहले प्रसाद व मेला देखने के लिए पैसा देकर हंसी-खुशी विदा किया उसी की मौत हो जाने की खबर से हर कोई स्तब्ध था।
तीन बच्चों के सिर से छिना पिता का साया
चंद्रशेखर अपने घर का अकेला कमाने वाला है। उसके तीन बच्चे अमन, चमन व बेटी पायल है। बड़े बेटे अमन की उम्र अभी पांच साल की है। चंद्रशेखर की मौत से उसके घर में भी कोहराम मचा है। घटना की जानकारी होने पर चंद्रशेखर के यहां रिश्तेदारों का मजमा लगा था।