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Health : विंड स्वेप्ट डिफॉरमेटी से ग्रसित किशोरी का एसआरएन में शुरू हुआ इलाज

Mon, 12 Feb 2024 04:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पांच फरवरी यानि सोमवार को राजकीय बालगृह बालिका से लड़की को एसआरएन लाया गया। वहीं जांच में पता चला कि लड़की विंड स्वेप्ट डिफॉरमेटी रोग से ग्रसित है। यह बीमारी विटामिन डी की कमी से होती है।
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किशोरी का टेढ़ा पैर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के हड्डी रोग विभाग में विंड स्वेप्ट डिफॉरमेटी से ग्रसित 18 वर्षीय युवती का इलाज शुक्रवार से शुरू किया गया। इस रोग के दौरान किशोरी की हड्डियां कमजोर हो गई हैं। जिसकी वजह से पैर के दोनों घुटने दाई तरफ झुके हुए हैं। खुल्दाबाद स्थित राजकीय बालगृह बालिका से इस अनाथ किशोरी को एसआरएन इलाज के लिए लाया गया है। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि लड़की को सही होने में एक साल से अधिक का समय लग जायेगा। एक पैर का इलाज चार चरणों में होगा। जिसमें छह माह का समय लगेगा। वहीं एक पैर ठीक करने के बाद दूसरे पैर का इलाज शुरू किया जायेगा। लड़की के इलाज का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार उठा रही है।

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पांच फरवरी यानि सोमवार को राजकीय बालगृह बालिका से लड़की को एसआरएन लाया गया। वहीं जांच में पता चला कि लड़की विंड स्वेप्ट डिफॉरमेटी रोग से ग्रसित है। यह बीमारी विटामिन डी की कमी से होती है। फतेहपुर से छह साल की उम्र में इसे प्रयागराज के राजकीय बालगृह बालिका लाया गया था। इस दौरान लड़की के दोनों पैर मुड़े हुए थे। लड़की ने बताया कि उसके पैर पांच वर्ष की उम्र में टेढ़े होने शुरू हुए थे।

इस रोग से ग्रसित व्यक्ति का इलाज काफी जटिल होता है। इसके अलावा इसमें काफी लंबा समय भी लगता है। वहीं शुक्रवार को आर्थो विभाग में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद कुमार ने लड़की के पहले चरण की सर्जरी किया। इस दौरान उसके कूल्हे के पास की हड्डी को सीधा किया गया। वहीं दो सप्ताह बाद लड़की के घुटने के ऊपर की हड्डी को सीधा किया जायेगा। दो चरण करने में एक माह का समय लगेगा। इसके बाद लड़की को अस्पताल से छुट्टी दे दी जायेगी। करीब दो माह के बाद घुटने के नीचे व टखने के पास की हड्डी को सीधा किया जायेगा।

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80 हजार रुपये खर्च होंगे एक पैर में

राजकीय बालगृह बालिका की तरफ से लड़की के इलाज को लेकर होने वाले खर्च का ब्यौरा मांगा गया था। वहीं आर्थो विभाग ने एक पैर में 80 हजार रुपये खर्च होने की संभावना जताई, जिसे यूपी सरकार ने मंजूर कर लिया।

जब यह बच्ची बालगृह लाई गई थी, तब इसके दोनों पैर के घुटने दाई तरफ झुके हुए थे। इसके इलाज का पूरा खर्च यूपी सरकार वहन कर रही है। सरकार बच्चो के इलाज को लेकर हर साल अलग से फंड जारी करती है। - सर्वजीत सिंह, डीपीओ, राजकीय बालगृह बालिका, प्रयागराज।

विंड स्वेप्ट डिफॉरमेटी से ग्रसित लोगों का इलाज काफी जटिल और लंबा चलता है। इस दौरान कई चरणों में इलाज किया जाता है। फिलहाल पहला चरण सफल रहा। - डॉ. आनंद कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एसआरएन, प्रयागराज।
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