बेटी ने तहरीर के खिलाफ दिया बयान
विचारण के दौरान पिता ने अपनी तहरीर को पुष्ट किया तो बेटी ने उसके विपरीत बयान दर्ज करवाया। हालांकि, जिरह के दौरान पिता ने कहा कि नौशाद के खिलाफ उसने लोगो के कहने पर एफआईआर दर्ज करवाई थी। तहरीर किसी दूसरे ने लिखी थी उसने सिर्फ अंगूठा लगाया था। अदालत ने आरोपी युवक को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले से दोष मुक्त कर दिया और झूठी एफआईआर दर्ज करवाने के लिए नाबालिग के पिता के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दे दिया।
बेटी बोली- मां मर गई, दादी ने कहा शादी करा दो
पीड़िता बेटी बोली मां तो बचपन में ही मर गई थी। पिता ने दूसरी शादी की थी। दूसरी मां पालती पोसती है। मेरी शादी की इच्छा नहीं थी, दादी शादी के लिए कह रही थी, इसलिए गुस्सा होकर बुआ के घर गई थी। बेटी ने पिता की तहरीर को ठुकराते हुए कहा कि उसे न किसी ने भगाया था और न ही उसके साथ किसी ने जबरन शारीरिक संबंध बनाया है।