इलाहाबाद-मुंबई रेलमार्ग पर इसी वित्तीय वर्ष ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाने की उम्मीद है। यह संभव होगा इस रूट के विद्युतीकरण होने से। प्रयागराज स्थित केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) की ओर से इस रूट के बचे हुए सतना-कटनी रेलखंड पर इसी वित्तीय वर्ष रेल विद्युतीकरण पूरा करने का दावा किया है। इसके बाद संबंधित रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेनों के शुरू होने के बाद संबंधित रूट पर चलने वाली तमाम ट्रेनों की स्पीड में इजाफा हो जाएगा। इसके अलावा इलाहाबाद जंक्शन और इलाहाबाद छिवकी में जिन ट्रेनों में इलेक्ट्रिक की जगह डीजल इंजन लगाए जाते हैं, वह समय भी पूरा बचेगा।
दरअसल इलाहाबाद जंक्शन से से मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनल रेलवे स्टेशन की कुल दूरी 1362 किलोमीटर है। देश के व्यस्तम रूटों में यह रेलमार्ग शुमार है। अभी इस रूट पर इटारसी-मुंबई रेलखंड पर ही इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इस वजह से इलाहाबाद, पटना, गुवाहाटी, दरभंगा, वाराणसी, हावड़ा, रांची से मुंबई जाने वाली तमाम ट्रेनें जंक्शन एवं छिवकी से इटारसी तक डीजल इंजन से ही चलती है। इटारसी में डीजल की जगह इलेक्ट्रिक इंजन लगाया जाता है। इटारसी-इलाहाबाद के तकरीबन 610 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर अब सिर्फ सतना और कटनी के बीच ही रेल विद्युतीकरण का कार्य रह गया है।
शेष मार्ग पर कोर ने विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया है। सतना से कटनी के बीच 98 किलोमीटर की दूरी पर रेल विद्युतीकरण के लिए अगले सप्ताह टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इस रेलखंड के विद्युतीकरण का काम इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। यह काम पूरा होते ही इलाहाबाद-मुंबई रेलखंड इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेनों की शुरूआत हो गई है। इसके बाद संबंधित रूट पर चलने वाली ट्रेनों की जहां एक ओर स्पीड बढ़ेगी तो वहीं दूसरी ओर मुंबई पहुंचने में ट्रेनों के समय में एक से दो घंटे की बचत भी होगी।
‘इलाहाबाद-मुंबई रेलमार्ग के सतना-कटनी रेलखंड पर विद्युतीकरण के लिए अगले सप्ताह टेंडर प्रक्रिया होगी। शीघ्र ही इस रेलखंड के विद्युतीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। शेष अन्य रेलखंड पर यह कार्य पूरा हो चुका है।’
00 एसके मिश्र, सीपीआरओ, कोर प्रयागराज।