जर्मनी की संस्था के सहयोग से तीन महीने तक हुआ सर्वे
बिना बाधा यातायात के लिए शहर का सर्वे कराया गया। सर्वे जर्मनी की संस्था ट्रैक्टेबल इंडिया के सहयोग से तीन महीने तक चला था। इसी आधार पर चौराहे चिह्नित किए गए हैं, साथ ही इन चौराहों पर होने वाले बदलाव और नए कार्यों का खाका तैयार किया गया है। संस्था ने महाकुंभ की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर एवं आसपास के चौराहों, मार्गों पर पड़ने वाले दबाव, आने वाले पांच वर्षों में कितना ट्रैफिक बढ़ जाएगा आदि पहलुओं को ध्यान में रखकर सर्वे किया है। इसके आधार पर तैयार योजना को अलग-अलग संस्थाओं के साथ साझा करने के अलावा यातायात सलाहकार समिति में भी रखा गया था। उसमें मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।
पौधरोपण के साथ सौंदर्यीकरण भी
चिह्नित चौराहों और इसके चारों तरफ बनने वाले आईलैंड, डिवाइडर का सौंदर्यीकरण भी होगा। इसके तहत लाइटिंग और पौधे लगाए जाएंगे। चौराहों पर अलग-अलग तरह की आकृतियां भी बनाई जाएंगी।
इस चौराहों पर होगा कार्य
अलोपीबाग, बांगड़, जीटी जवाहर, हर्षवर्धन, लेप्रोसी, दूरदर्शन, आईईआरटी सलोरी-एक, आईईआरटी सलोरी-दो, मजार, तेलियरगंज, नैनी छिवकी, जवाहर लाल नेहरू मार्ग, बलुआ घाट, लल्ला चुंगी, अलोपीबाग मंदिर, फाफामऊ तिराहा, एयरपोर्ट गेट, मयूर विहार, एयरपोर्ट के पास टी प्वाइंट जंक्शन, ट्रिपलआईटी, बजरंग तिराहा, सूबेदारगंज, कालिंदीपुरम तिराहा, शुक्ला सर्किल, धूमनगंज थाना, अपट्राॅन चौराहा, गोविंदपुर, अरैल, झूंसी में काली त्रिवेणी ढाल, शुक्ला मार्केट, शिव चरणदास, रामबाग फ्लाईओवर, आर्य कन्या, कोठापार्चा, हाईकोर्ट, सोमेश्वर महादेव, डीपीएस स्कूल, अरैल रोड जीरो प्वाइंट तथा मेवालाल की बगिया।