शहर के स्मार्ट सिटी में शुमार होने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था भी हाईटेक करने की तैयारी है। इसके तहत कमिश्नर राजन शुक्ला ने गांधी सभागार में इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्मार्ट सिटी सर्विलांस सिस्टम के संबंध में बैठक किया। यातायात अफसरों को इस बाबत पारूप तैयार कर तत्काल पेश करने का निर्देश दिया।
आईटीएमएस के तहत शहर के प्रमुख चौराहों पर 125 और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए। यातायात में बाधा डालने वाले और दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र के लगभग 150 ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर उन्हें दूर किया जाए। शहर के जिन प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का अधिक दबाव है, वहां डिवाइडर बनाया जाए। जिन सड़कों पर डिवाइडर बनाने पर सहमति बनी है। सीएमपी डॉट पुल से मधवापुर तिराहा, संगम पेट्रोल पंप तिराहा से सोहबतियाबाग, सेंट मेरी कान्वेंट स्कूल से पहले यातायात विभाग की ओर से पहले मोबाइल बैरियर डिवाइडर बनाया गया है।
इसके अलावा इन आठ मार्गों पर डिवाइडर निर्माण पर सहमति बनी है। इनमें गीता निकेतन-सोहबतिया बाग से बालसन तक, लोकसेवा आयोग से धोबीघाट, एकलव्य चौराहा से चौफटका-बमरौली पुलिस चौकी तक, मेयोहाल चौराहा से स्टेनली रोड-तेलियरगंज-गंगापुल-फाफामऊ से मलाक हरहर तक, बालसन चौराहा से आनंद भवन-लल्ला चुंगी, बैंक रोड-मजार से एमएनएनआईटी चौराहा तक, रामबाग सुदंरम टावर से मेडिकल चौराहा-बालसन तक मार्ग पर डिवाइडर बनाए जाएंगे। इसके अलावा प्रस्तावित डिवाइडर योजना में सीएमपी डॉटपुल तिराहा से मधवापुर सब्जी मंडी-हर्षवर्धन चौराहा तक, जानसेनगंज चौराहा से विवेकानंद मार्ग-बहादुरगंज से रामबाग तक और कोतवाली से शाहगंज मार्ग पर डिवाइडर प्रस्तावित है।
इसके अलावा एरिया ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम के तहत 25 कारीडोर चिह्नित कर कम से कम 50 वैरिएबल मैसेज साइनबोर्ड लगाना सुनिश्चित किया जाए। पैदल यात्रियों को सुगमता से चौराहा पार करने के लिए 40 स्थानों पर जेब्रा लाइन पेंट कराई जाए। बैठक में डीआईजी जीतेंद्र कुमार शाही, प्रभारी डीएम एके राय, एडीए उपाध्यक्ष देवेंद्र पांडेय, नगर आयुक्त शेषमणि पांडेय, एसपी यातायात (लखनऊ) अभिषेक सिंह, एसपी ट्रैफिक निहारिका शर्मा समेत अन्य विभागों के प्रमुख अफसर मौजूद रहे।