गंगा समग्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने रविवार को कहा कि गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी सहायक नदियों की भी दशा सुधारी जाए। संगठन मंत्री ने कहां की गंगा समाज के लिए पूजनीय एवं उपयोगी भी है। उन्होंने यह बातें झूंसी स्थित गंगा धाम में गंगा समग्र काशी प्रांत की चिंतन बैठक में कहीं।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने कहा गंगा की सहायक नदियों की हालत ठीक नहीं है । उन पर जगह-जगह अवैध कब्जे हो गए हैं। रेत व मिट्टी भरने से उनकी गहराई भी कम हो गई है। इससे उनकी जलधारण क्षमता तो कम हुई ही है जल के प्राकृतिक स्रोत भी बंद हो गए हैं। गंगा समग्र सहायक नदियों को कब्जामुक्त करने के साथ ही उन्हें और गहरा करने के लिए अभियानपूर्वक काम करेगा।
सहायक नदियों के किनारे सघन पौधरोपण भी किया जाएगा। संगठन के विभिन्न 15 आयाम आपसी समन्वय के साथ इस अभियान में लगेंगे। घाट साफ सुथरे रहें , इसके लिए घाटों की समितियां बनाई जा रही है। समाज जागरण हेतु प्रमुख घाटों पर आरती के कार्यक्रम किए जा रहे हैं। रामाशीष ने जोर देते हुए कहा कि गंगा समग्र छोटी नदियों के प्रवाह मार्ग के आसपास के पुराने तालाबों के पुनरुद्धार, नए तालाब-सरोवर खुदवाने के साथ ही सघन वन विकसित करने के लिए जनजागरण कर रहा है।
सितंबर माह गंगा समग्र विश्व नदी दिवस पर समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जाकर नदी की महत्ता को लेकर कार्यक्रम चलाएगा । गंगा नदी चार नवम्बर को राष्ट्रीय नदी घोषित हुई थी । इस दिन देशभर में गंगा महोत्सव मनाया जाएगा। इससे पहले चिंतन बैठक में 20 से 23 अगस्त तक प्रस्तावित राष्ट्रीय अभ्यास वर्ग की तैयारियों पर चर्चा की गई। 20 अगस्त से अयोध्या में होने जा रहे अभ्यास वर्ग में देश भर के कार्यकर्ता शामिल होंगे। बैठक में प्रान्त संगठन मंत्री अंबरीष , राष्ट्रीय मंत्री अवधेश कुमार गुप्त, गंगा आश्रित प्रमुख अमिताभ आदि मौजूद रहे।