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Tirupati Balaji: प्रयागराज के संतों में आक्रोश, कहा- प्रसादम में मिलावट हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ व षड्यंत्र

Sat, 21 Sep 2024 02:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

नई झूंसी स्थित परमानंद आश्रम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एवं संत स्वामी शरदपुरी महाराज ने कहा कि प्रसादम में मिलावट हिंदुओं की आस्था पर बड़ा कुठाराघात है। यह हिंदू धर्म के खिलाफ बहुत बड़ी साजिश है। इस तरह का कृत्य क्षम्य नहीं है।
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प्रसादम् तिरुपति। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश में तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर के प्रसादम लड्डू में पशु चर्बी की मिलावट से प्रयागराज के संत समाज में आक्राेश है। उन्होंने इसे हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ और षड्यंत्र बताया है। साथ ही ऐसा कृत्य करने वालों के लिए मृत्यु दंड की मांग उठाई है। पुरानी झूंसी स्थित टीकरमाफी आश्रम के महंत स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि हिंदुओं के देव स्थान में प्रसाद में इस तरह की मिलावट घृणित कार्य है। इस तरह का कार्य करने के आरोपियों के खिलाफ सरकार को सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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नई झूंसी स्थित परमानंद आश्रम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एवं संत स्वामी शरदपुरी महाराज ने कहा कि प्रसादम में मिलावट हिंदुओं की आस्था पर बड़ा कुठाराघात है। यह हिंदू धर्म के खिलाफ बहुत बड़ी साजिश है। इस तरह का कृत्य क्षम्य नहीं है। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज समेत अन्य संतों ने भी इसकी कड़ी निंदा की है। साथ ही दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। यही नहीं उन्होंने अन्य बड़े धार्मिक स्थलों के प्रसादम की भी जांच की मांग उठाई है। झूंसी के परशुराम अखाड़ा एवं धाम के संस्थापक सुदर्शन शरण महाराज ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने इसे धार्मिक हत्या बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग उठाई।

झूंसी के कैलाशाधाम आश्रम के व्यवस्थापक एवं संत स्वामी कृष्णानंद महाराज ने कहा कि पूर्व में आंध्र प्रदेश में जो सरकार थी, उसने मंदिर के बोर्ड में अन्य धर्मों के लोगों को रखा था। यह उन्हीं की साजिश प्रतीत होती है। दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

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