पहले स्वामी प्रसाद मौर्या और फिर आरके चौधरी के बागी बनने के बाद बहुजन समाज पार्टी में शुरू हुई उथल-पुथल का असर विधान सभा चुनाव के लिए घोषित प्रत्याशियों पर भी पड़ना तय हैै। कई घोषित प्रत्याशियों के टिकट काटकर नए प्रत्याशियों को दिए जाने की भनक लगते ही प्रत्याशी खेमा बदलने की तैयारी में हैं। कई तो स्वामी प्रसाद या फिर आरके चौधरी की सभा में शामिल भी होंगे। हालांकि इस मामले में न तो पार्टी के नेता कुछ बोलने को तैयार हैं न ही प्रत्याशी। वैसे बसपा में बदलाव की बयार के बीच इलाहाबाद और इसके आसपास नए समीकरण बनने लगे हैं।
इलाहाबाद और आसपास के जिलों के लिए पार्टी की ओर से बीते वर्ष ही प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई थी। इलाहाबाद और मिर्जापुर दोनों मंडलों के जोन कोआर्डिनेटर रहे आरके चौधरी ने सभाएं कर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए थे लेकिन मौजूदा सियासी उठापटक में वह खुद बीएसपी से बाहर हैं। पार्टी अब ऐसे प्रत्याशियों को निशाने पर ले रही है जो इन दोनों नेताओं से ज्यादा मजबूती से जुड़े हुए हैं। इलाहाबाद, प्रतापगढ़, भदोही, कौशांबी जौनपुर, मिर्जापुर और उसके आसपास के जिलों में कई प्रत्याशी ऐसे हैं जिनका टिकट इन दोनों नेताओं की बदौलत ही पक्का हुआ था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक ऐसे लोगों का टिकट भी कट सकता है जो पूर्व में विधायक रह चुके हैं। वैसे इस बारे में जिलाध्यक्ष हरीश्चंद्र ने किसी भी जानकारी से अनभिज्ञता जताई। कहा, टिकट का फैसला ऊपर से होता है। ऐसे में इस बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है।