मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और संबद्ध चिकित्सालयों में डॉक्टरों की लापरवाही पर अंकुश लगाने की तैयारी है। अब उन्हें हाजिरी के लिए अंगूठा लगाना होगा। कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में बॉयोमीट्रिक मशीनें लगाए जाने की तैयारी है। इस बारे में एमसीआई की टीम दौरा कर चुकी है। राज्य सरकार भी सभी कर्मचारियों की बॉयोमीट्रिक हाजिरी सुनिश्चित करने का निर्देश दे चुकी है।
शासन ने चिकित्सकों और कर्मचारियों की बगैर सूचना गायब रहने से मरीजों को होने वाली दिक्कतों का संज्ञान लिया है। निर्णय लिया गया है कि जल्द यहां मेडिकल कॉलेज और संबद्ध चिकित्सालयों एसआरएन, चिल्ड्रेन, एमडीआई में बॉयोमीट्रिक मशीनें लगा दी जाएं। इन मशीनों में अंगूठा (थंब इंप्रेशन) लगाने वाले डॉक्टरों व कर्मचारियों को ही उपस्थित माना जाएगा। इस संबंध में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी निर्देश जारी किए ताकि एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई न प्रभावित हो। इस मामले में पिछले दिनों एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में विभागवार और मुख्यालय के हिसाब से करीब 30 बॉयोमीट्रिक मशीनें लगाई जाएंगी। बाद में इनकी संख्या 50 तक बढ़ाई जा सके गी। हर वार्ड में हाजिरी व्यवस्था हाईटेक होगी। शासन के इस निर्णय से प्राइवेट प्रैक्टिस व ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टरों, कर्मचारियों में खलबली मची है।
- मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में डॉक्टरों व कर्मचारियों की बॉयोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था प्रस्तावित है। जल्द ही योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। इससे काफी सहूलियत होगी। - डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य एमएलएन मेडिकल कॉलेज