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बैंक नहीं उठा रहे सिक्कों का बोझ

Sun, 28 May 2017 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नगदी संकट से परेशान व्यापारियाें और लोगों को अब नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों ने सिक्का लेने से मना कर दिया है। अफसराें का कहना है कि वे सिक्कों का क्या करेंगे। इसके अलावा उनका यह भी तर्क है कि हजाराें रुपये के सिक्के गिनेगा कौन। अफसरों की इस आनाकानी की वजह से व्यापारियों तथा आम लोगों के पास सिक्कों का ढेर हो गया है और इसका बोझ उन्हें भारी पड़ रहा है।
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नोटबंदी तथा नगदी संकट के दौरान बैंकों को सिक्के ने ही सहारा दिया। ग्राहकों की नगदी की मांग पूरी करने के लिए इस दौरान बैंकों के करेंसी चेस्ट में जमा सिक्के भी बाजार में आ गए। इससे बाजार में सिक्कों की भरमार हो गई है।

व्यापारी नेता महेंद्र गोयल का कहना है कि शहर के ज्यादातर व्यापारियों के पास हजाराें रुपये के सिक्के हैं, लेकिन बैंक वाले नहीं ले रहे। ग्राहक भी सिक्के नहीं लेना चाहते। इसके पीछे बैंक अफसरों का अपना तर्क है। गोयल ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से एक सप्ताह पहले डिजिटल पेमेंट पर कार्यशाला आयोजित की गई थी। उसमें भी यह मुद्दा उठाया गया था। कार्यशाला में अफसरों का कहना था कि सिक्के चलन में हैं तो बैंकों को लेना चाहिए लेकिन आरबीआई सिक्के वापस नहीं लेगा। नखास कोहना के अग्रवाल स्टोर के संचालक का कहना था कि उनके पास 40 हजार रुपये के सिक्के हैं। ग्राहक ले नहीं रहे और बैंक भी सिक्का जमा नहीं कर रहे। ऐसे में इसमें रोजाना इजाफा ही हो रहा है। एक कंपनी की फ्रेंचाइजी चलाने वाले प्रतीक उपाध्याय के पास धीरे-धीरे एक लाख रुपये से अधिक के सिक्के जुट गए। सिक्का हटाने के लिए आखिर में उन्हें कमीशन देना पड़ा।
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बैरहना के किराना व्यवसायी सचिन के पास हजारों रुपये के सिक्के हैं। इन्हें खपाने के लिए अब उन्हें अर्द्धकुंभ का इंतजार है। उनका कहना है कि अर्द्धकुंभ में सिक्कों की मांग होती है। अब तो इसका ही सहारा है। सिक्का न लेने के पीछे बैंक के अफसर तीन प्रमुख तर्क देते हैं। उनका कहना है कि आरबीआई सिर्फ कटे-फटे नोट ही लेता है। विशेष परिस्थितियों में नोट तो आरबीआई भी ले लेता है लेकिन सिक्के नहीं लेता। इसके विपरीत बैंकों के करेंसी चेस्ट और शाखाओं में सिक्का रखने के लिए जगह नहीं है। इसके अलावा बैंक में सिक्के गिनने के लिए भी स्टाफ नहीं है। इन वजहों से सिक्का लेना उनके लिए व्यवहारिक नहीं है। आरबीआई के अफसरों के अनुसार एक रुपये के एक हजार सिक्के बैंक में जमा किए जा सकते हैं। इससे अधिक मूल्य के सिक्के पर कुल राशि अधिक हो सकती है। इलाहाबाद में आयोजित कांफ्रेंस में भी अफसरों ने बताया कि बैंक में एक हजार रुपये तक सिक्के जमा हो सकते हैं।

‘जो करेंसी चलन में उसे लिया जाएगा लेकिन अधिक मात्रा में सिक्का लेने में थोड़ी कठिनाई है। व्यापारियों और लोगों से यही अपील है कि  थोड़े-थोड़े सिक्के जमा करें। बाजार में भी सिक्का चलन में लाएं।’
जेडए खान, एजीएम एसबीआई

‘नियमानुसार जो सिक्के चलन में हैं उन्हें बैंक को लेना चाहिए लेकिन उनके सामने भी कई कठिनाइयां हैं। आरबीआई सिक्के वापस नहीं लेता। ग्राहक भी सिक्के नहीं लेते। ऐसे में बैंक में सिक्के केवल जमा होते हैं। बाजार में सिक्कों को सर्कुलेट करना होगा।’
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विजय शर्मा, लीड बैंक मैनेजर
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