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कार्रवाई : पीएम आवास में धांधली पर तीन निलंबित, पांच पर एफआईआर, विभागीय कार्रवाई की तैयारी

Fri, 23 Jun 2023 12:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मौके पर बने आवासों और अपलोड की गईं आवासों की फोटोग्राफ्स में काफी अंतर है। मौके पर आवास अधूरा है, दरवाजे-खिड़कियां गायब हैं, लेकिन फोटो में आवास पूरा बनकर तैयार है। जिन लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास के लिए धनराशि जारी की गई, उनके पास पहले से आवास थे।
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पीएम आवास योजना। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शंकरगढ़ विकास खंड के गांव नौढि़या उपरहार में प्रधानमंत्री आवास योजना में व्यापक पैमाने पर हुई धांधली सामने आने के बाद ग्राम विकास अधिकारी पंकज सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार एवं शंकरगढ़ ब्लॉक के वरिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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इसके साथ ही ग्राम विकास अधिकारी पंकज सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कमार, वरिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार गुप्ता, सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) शंकरगढ़ लल्लन प्रसाद एवं बोरिंग तकनीशियन बृजेश सिंह के खिलाफ शंकरगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी की ओर से भेजे गए शिकायती पत्र के आधार कराई गई जांच में 13 आवासों में अनियिमतता के मामले सामने आए हैं।

जांच के बाद आई निरीक्षण आख्या के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा और जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कनौजिया ने यह कार्रवाई की। अनियमितता में दोषी पाए गए लल्लन प्रसाद और बृजेश सिंह दूसरे विभागों के हैं, उनके निलंबन की संस्तुति संबंधित विभागों को भेज दी गई है। जांच में कुल 13 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं, जिन्होंने फर्जी तरीके से 15 लाख रुपये से अधिक हड़प लिए।

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जांच के दौरान अनियमितता के गंभीर मामले सामने आए हैं। सबसे पहले तो अपात्र लाभार्थियों का चयन किया गया। मौके पर बने आवासों और अपलोड की गईं आवासों की फोटोग्राफ्स में काफी अंतर है। मौके पर आवास अधूरा है, दरवाजे-खिड़कियां गायब हैं, लेकिन फोटो में आवास पूरा बनकर तैयार है। जिन लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास के लिए धनराशि जारी की गई, उनके पास पहले से आवास थे।

कुछ ने तो अपने पुराने पक्के आवास से जोड़कर प्रधानमंत्री आवास बनवा लिया। लाभार्थी के पुत्र और बहू के सरकारी सेवा में कार्यरत होने के बावजूद आवास आवंटित किया गया। वेबसाइट पर फर्जी फोटो अपलोड कर सोची समझी साजिश के तहत धनराशि आहरित की गई। आधे-अधूरे आवास की जगह किसी दूसरे आवास की फोटो अपलोड कर दी गई। कोई स्थलीय सत्यापन नहीं किया गया।

ये लभार्थी मिले अपात्र

धर्मपाल आदिवासी, श्याम देवी, सुमन देवी, विजय बहादुर, शरीफ अहमद, रामखेलावन, रामेश्वर प्रताप सिंह, अंकितेश, रेनू, प्रियंका सिंह, बनवारी, भोला एवं हरनारायण सिंह।
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