शाइन सिटी के सीएमडी राशिद नसीम और उसके भाई आसिफ नसीम के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तीन और एफआईआर दर्ज की गई हैं। दोनों भाइयों ने तीन लोगों से लगभग 60 लाख रुपये ठग लिए थे। भुक्तभोगी एफआईआर दर्ज कराने के लिए परेशान थे। अंत में वे कोर्ट की शरण में गए। कोर्ट के आदेश पर छह जून को तीनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज की गई।
अल्लापुर के रहने वाले नरेंद्र शर्मा को 2016 में किसी के माध्यम से शाइन सिटी के बारे में बारे में पता चला था। उन्होंने एक सेमिनार में इसकी विभिन्न योजनाओं के बारे में सुना और सीएमडी राशिद नसीम और आसिफ नसीम से मुलाकात की। दोनों ने नरेंद्र शर्मा को अपनी बातों में इस कदर फंसाया कि उन्होंने कंपनी की विभिन्न योजनाओं में अपने और अपनी पत्नी के नाम पर करीब 29 लाख 30 हजार रुपये लगा दिए। उन्हें न तो जमीन मिली न ही अन्य योजनाओं का लाभ। कंपनी भाग निकली।
चक दोंदी नैनी की रहने वाली माया की भी यही कहानी है। उन्होंने भी शाइन सिटी कंपनी के सेमिनार में तमाम स्कीमों के बारे में सुना था। लालच में आकर उन्होंने खुद तो रुपये लगाए ही, अपने भाई के भी लाखों रुपये भी इन्वेस्ट करा दिए। माया और उनके परिवार वालों ने तकरीबन 18 लाख 54 हजार रुपये कंपनी में लगाए थे। उन्हें एक रुपये भी वापस नहीं मिले।
मो. मतीन सुल्तानपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के दरियापुर के रहने वाले हैं। वह भी 2018 में किसी के कहने पर सिविल लाइंस के एक होटल में हो रहे कंपनी के सेमिनार में पहुंचे थे। मतीन को लगा कि बड़ी कंपनी है। उन्होंने शाइन सिटी के सीएमडी और एमडी से मिलकर कंपनी की विभिन्न योजनाओं में करीब 11 लाख 75 हजार रुपये लगा दिए। पैसे लगाने के कुछ समय बाद ही उन्होंने सुना की कंपनी भाग निकली है।
तीनों भुक्तभोगियों ने अदालत के माध्यम से सीएमडी राशिद नसीम और उसके भाई आसिफ नसीम के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। राशिद नसीम निवेशकों के अरबों रुपये लेकर दुबई भाग निकला है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।