प्रो. हांगलू के कार्यकाल में जहां-जहां हुआ निर्माण, वहां पहुंची जांच टीम
तीन सदस्यीय टीम ने इविवि के कला एवं विज्ञान संकाय का किया निरीक्षण
कुलपति के साथ की बैठक, इसी माह दोबारा आ सकती है जांच टीम
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। टीम बृहस्पतिवार को इविवि पहुंची। इस दौरान टीम के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के कला एवं विज्ञान संकाय का निरीक्षण किया। साथ ही लोगों से 16 फरवरी तक साक्ष्य सहित शिकायतें मांगीं। देर शाम तक टीम के सभी सदस्य लौट गए। टीम इसी माह दोबारा आएगी।
इग्नू के कुलपति प्रो. नागेश्वर राय की अध्यक्षता में गठित टीम में इंदिरा गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय अमर कंटक के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात के कुलपति प्रो. आरएस दुबे सदस्य के रूप शामिल किए गए हैं। तीनों बृहस्पतिवार सुबह विश्वविद्यालय पहुंचे और सबसे पहले कुलपति प्रो. आरआर तिवारी से मुलाकात की। इसके बाद तीनों ने कला संकाय में दरभंगा हॉल, केंद्रीय विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया और फिर विज्ञान संकाय स्थित विजयनगरम हॉल और वहां बना लॉन देखा। साथ ही बायोकेमेस्ट्री विभाग का निरीक्षण किया। इन सभी स्थानों पर प्रो. हांगलू के कार्यकाल में निर्माण कार्य पर सबसे अधिक रकम खर्च की गई थी और इन मामलों में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे थे।
टीम के सदस्य पहले से तैयारी करके आए थे। तमाम शिकायत पहले से उनके पास पहुंचीं थीं, सो कुलपति के साथ बैठक के दौरान सदस्यों ने इन शिकायतों पर चर्चा की। साथ ही कुछ जरूरी दस्तावेज भी देखे। जांच समिति के सदस्यों ने कहा कि अगर कोई अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहता है तो साक्ष्य सहित शिकायत दे सकता है। समिति के निर्देश पर इविवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने सूचना जारी की, जिसके अनुसार प्रो. हांगलू के खिलाफ वित्तीय, प्रशासनिक, अकादमी एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन से संबंधित शिकायतों 16 फरवरी तक साक्ष्य सहित कुलपति कार्यालय में दर्ज कराई जा सकती हैं।
इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, निदेशक, समन्वयक, छात्र, अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। जांच कमेटी के चेयरमैन प्रो. नागेश्वर राव ने बताया कि जो भी शिकायतें आएंगी, उनकी समीक्षा की जाए। जरूरत पड़ी पड़ी तो शिकायतकर्ता से बात की जाएगी। इसके लिए जल्द ही जांच टीम दोबारा आएगी। टीम को प्रो. हांगलू पर लगे वित्तीय, प्रशासनिक एवं अकादमिक आरोपों के साथ राष्ट्रीय महिला आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर भी जांच करनी है।
सीधे कमेटी के सदस्यों को भेज सकते हैं शिकायत
- पूर्व छात्र नेता अविनाश दुबे ने कमेटी के अध्यक्ष को ज्ञापन देकर शिकायत की है कि रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला की मौजूदगी में जांच प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों ने भी इस पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्हें आशंका है कि शिकायतों के साथ दिए जाने वाले साक्ष्यों में छेड़छाड़ की जा सकती है। कमेटी के अध्यक्ष प्रो. नागेश्वर राव का कहना है कि लोग चाहें तो सीधे कमेटी के सदस्यों को ईमेल पर भी साक्ष्य सहित शिकायत भेज सकते हैं। प्रो. राव ने स्पष्ट किया कि जांच एवं निरीक्षण के दौरान किसी की मौजूदगी या गैरमौजूदगी से कोई फर्क नहीं पड़ता। टीम निष्पक्ष रूप से अपनी जांच पूरी करेगी और सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।
बढ़ सकती है जांच की अवधि
- मंत्रालय ने तीन सदस्यीय कमेटी को माह भर में जांच पूरी करते हुए रिपोर्ट देने को कहा है लेकिन जांच के लिए निर्धारित अवधि बढ़ाई जा सकती। दरअसल, चेयरमैन और दोनो सदस्य बड़े एवं महत्वपूर्ण संस्थानों के कुलपति हैं। उनके पास दूसरी जिम्मेदारियां भी हैं। ऐसे में जांच टीम मंत्रालय को प्रस्ताव भेजकर रिपोर्ट सौंपने के लिए एक माह का अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी में है।
छात्रों, पदाधिकारियों, कर्मचारियों से की मुलाकत
जांच टीम के अध्यक्ष प्रो. नागेश्वर राव ने छात्रों, कर्मचारियों और छात्र संघ पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। सभी ने अलग-अलग मुद्दों पर उन्हें ज्ञापन सौंपा। वाणिज्य विभाग के छात्रों ने जांच टीम के समक्ष पीएचडी प्रवेश में धांधली की शिकायत दर्ज कराई। साथ ही एचओडी और डीपीसी चेयरमैन को पद से हटाए जाने की मांग की। वहीं, छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, महामंत्री शिवम सिंह ने भी विभिन्न मुद्दों पर जांच कमेटी को ज्ञापन सौंपा।