माफिया दिलीप मिश्रा के बाद पुलिस ने अब उसके गुर्गों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके तहत उसके गिरोह के तीन सदस्यों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि तीनों दिलीप के सभी अवैध धंधों का संचालन करते थे। जिनका लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास है। यह दिलीप के साथ भी गंभीर मामलों में सहअभियुक्त हैं।
दिलीप के जिन तीन गुर्गों पर गैंगस्टर लगाया गया है, उनमें रवि उर्फ ठाकुर कोल पुत्र लल्लन कोल, सूबेदार कोल व मौजीलाल कोल शामिल हैं। तीनों औद्योगिक क्षेत्र के उसी लवायन कला गांव के रहने वाले हैं, जहां का दिलीप निवासी है। पुलिस का दावा है कि तीनों दिलीप के कच्ची शराब, हत्या, फिरौती, रंगदारी जैसे धंधों को संचालित करते थे। कुछ समय पहले ही इनका नाम दिलीप के डी-44 गैंग में जोड़ा गया था।
रवि पर कुल 22, सूबेदार पर नौ और मौजीलाल पर 11 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, आम्र्स एक्ट व आबकारी एक्ट के मामले शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि रवि 2009 में लवायन गांव में ही हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड में दिलीप मिश्रा के साथ नामजद था। इस मामले में उसके खिलाफ गैंगस्टर पहले भी बन चुका है। वारदात में तीन लोगों को तडक़े बम व गोलियों से हमलाकर मौत के घाट उतार दिया गया था।