प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियाें ने तीसरी काउंसलिंग करवाकर खाली पदों को भरने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अब तक हुई शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा हुआ है। दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी हथिया रहे हैं। इसमें बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान के अभ्यर्थी ज्यादा हैं। इन अभ्यर्थियों ने केरल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, बिहार एवं झारखंड से अधिक मेरिट वाले फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर शिक्षक भर्ती में जगह बना ली है। अपर निदेश माध्यमिक ने अभ्यर्थियों की मांग को नकारते हुए शासन के पास 6445 शिक्षकों की भर्ती बंद करने का प्रस्ताव भेज दिया है।
राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए चल रही एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2014 में फर्जीवाड़ा होने के कारण पूरी नहीं हो पाई। भर्ती में मेरिट आने के बाद अभ्यर्थियों ने दसवीं-बारहवीं से लेकर बीए-बीएससी और बीएड तक की डिग्री फर्जी बनवाकर भर्ती में जगह बना ली। अभ्यर्थियों द्वारा फार्म भरने और काउंसलिंग के समय अलग-अलग प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बाद मामला पकड़ में आया था। इस कारण से पूरी भर्ती प्रक्रिया विवादों की भेंट चढ़ गई।
इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने तीसरी काउंसलिंग करवाकर कम मेरिट वालों को अवसर देने की मांग की है। यह अभ्यर्थी सरकार की ओर से आगे की भर्ती में प्रमाण पत्रों की जांच के बाद नियुक्ति पत्र देने के निर्णय का स्वागत किया है। जांच में पकड़े जाने पर ऐसे अभ्यर्थी काउंसलिंग के दौरान ही प्रमाण पत्र छोड़कर भाग जा रहे हैं। बीटीसी प्रवेश में तो कई अभ्यर्थियों के हाईस्कूल से लेकर स्नातक तक के सभी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।