एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के असरावल खुर्द गांव में बुधवार को अपनी ही बहन की हत्या करने वाले आशीष कुमार को पुलिस ने बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। उसने पुलिस को दिए अपने बयान में भी यही कहा कि बहन ने भागकर रिश्तेदार युवक से शादी कर ली थी। मना करने के बाद भी उसने अपनी मांग में सिंदूर लगाना नहीं छोड़ा। इसीलिए उसने गोली मार दी।
उधर युवती का आज दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले पोस्टमार्टम भी कराया गया। असरावल खुर्द गांव के रहने वाले श्याम की बेटी शिवानी को बुधवार को घर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके भाई आशीष ने खुद थाने जाकर सरेंडर किया था। जिस तमंचे से उसने हत्या की थी। उसे भी उसने पुलिस को दे दिया था। पूछताछ में आशीष ने बताया कि शिवानी का एक रिश्तेदार युवक से प्रेम प्रसंग था।
एक हफ्ते पहले शिवानी उस युवक के साथ चली गई थी। घर वाले उसे किसी तरह से वापस लाए तो उसने बताया कि वह शादी कर चुकी है। उसने मांग में सिंदूर भी लगाया था। घर में खूब झगड़ा हुआ। इसके बाद भी शिवानी ने सिंदूर लगाना नहीं छोड़ा। भाई आशीष ने उसे आगाह किया था कि उसने सिंदूर लगाया तो वह मार देगा। उसने भाई की धमकी की कोई परवाह नहीं की और प्रतिदिन मांग में सिंदूर लगाती रही।
बुधवार को श्याम ड्यूटी पर गए थे। पत्नी नीलम और छोटा बेटा अनुज खेत चले गए। घर पर दूसरे नंबर का बेटा आशीष और बेटी शिवानी मौजूद थे। इसी दौरान आशीष ने शिवानी की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज से वहां लोग इकट्ठे हो गए। इसके बाद आशीष तमंचा लेकर सीधे थाने पहुंच गया और सरेंडर कर दिया। उसने पूरी बात भी बता दी कि क्यों बहन की हत्या की।
इंस्पेक्टर एयरपोर्ट थाना योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि आशीष को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर शिवानी का आज ही पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद दारागंज घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दादा के तमंचे से मारी गोली
प्रयागराज। पुलिस ने आरोपी आशीष से पूछा कि वह तमंचा कहां से लाया। उसने बताया कि उसके दादा तमंचा रखते थे। दो साल पहले उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद उसने तमंचा छिपा दिया था। जब बहन रिश्तेदार संग चली गई तो उसने तमंचा निकाला। उसे साफ किया। हालांकि बहन के आने पर भी वह मारने की हिम्मत नहीं कर पाया। लेकिन सिंदूर लगाने की वजह से घर में प्रतिदिन झगड़ा होता था। बुधवार को उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने उसी तमंचे से गोली मार दी।