धूमनगंज के न्याय नगर में रहने वाली सुनीता देवी (35) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पति ने ही शराब के लिए पैसे न देने पर उसे लकड़ी के पटरे से पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
सुनीता मूल रूप से कौशाम्बी की रहने वाली थी। उसकी 15 पूर्व सुलेमसराय स्थित न्याय नगर निवासी निहाल कुमार से शादी हुई थी। उनके चार बच्चे भी हुए, जिसमें तीन बेटियां व एक 12 वर्षीय बेटा है। निहाल खरबंदा मार्केट स्थित बाइक की दुकान में काम करता था, लेकिन लॉकडाउन के बाद से उसने काम पर जाना बंद कर दिया। वह शराब पीने का भी आदी था और इस बात को लेकर घर में आए दिन कलह होती थी।
एक बार सुनीता शिकायत लेकर पुलिस के पास भी पहुंची थी, जिसके बाद पति का शांतिभंग में चालान भी हुआ था। पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह 10 बजे के करीब शराब पीने के लिए निहाल ने सुनीता से रुपये मांगे। इंकार करने पर दोनों में झगड़ा हुआ और इसी दौरान आक्रोशित होकर उसने घर में रखे लकड़ी के पटरे से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
शोरगुल पर जुटे आसपास के लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। जिस पर उसे हिरासत में ले लिया गया। जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि मृतका के देवर गंगा की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।