भविष्य पर संकट मंडराते देख सीबीएसई से संबद्ध सारंगापुर के एक स्कूल के छात्रों और उनके अभिभावकों ने सिविल लाइंस स्थित सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया। आरोप है कि पूरे देश में सीबीएसई ने रिजल्ट जारी कर दिया है लेकिन यहां एक विद्यालय का रिजल्ट अभई तक रुका है, इससे 10वीं और 120वीं के छात्रों का भविष्य चौपट हो रहा है।
रीवा राजमार्ग के सारंगापुर स्थित एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल के हाईस्कूल व इंटर के छात्रों का इस वर्ष रिजल्ट घोषित नहीं हुआ। इसके चलते चौसठ छात्रों का भविष्य चौपट हो रहा है। इससे नाराज छात्रों ने बृहस्पतिवार को पहले स्कूल जाकर हंगामा किया। फिर सीबीएसई बोर्ड के रीजनल कार्यालय का घेराव कर अपना विरोध जताया।
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सरंगापुर स्थित अंग्रेजी माध्यम के एक स्कूल में सत्र 2020-21 में हाई स्कूल में 23 और इंटर में 41 छात्र पंजीकृत हैं। इस वर्ष कोरोना वायरस के चलते विद्यालय को ही परीक्षा परिणाम बनाने की जिम्मेदारी थी। गत तीन अगस्त को सीबीएसई का परिणाम घोषित हुआ। लेकिन इस स्कूल के किसी छात्र का परिणाम नहीं आया। इसके चलते छात्र और अभिभावक निराश हो गए। अगले दिन छात्रों ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि तकनीकी कमी के चलते परिणाम नहीं घोषित हो पाया।
प्रबंधन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह में उसे ठीक करा देंगे। एक सप्ताह बाद भी परिणाम नहीं आया तो अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर दबाव बनाया। छात्रों का आरोप है कि जब वह इस मामले को लेकर प्रबंधन से जुड़े लोगों ने फोन ही उठाना बंद कर दिया। और बाद में उनका स्कूल कैंपस में प्रवेश ही बंद कर दिया गया। बृहस्पतिवार को छात्र अपने अभिभावकों के साथ पुन: स्कूल पहुंचे। वहां कोई नहीं मिला तो छात्रों ने कॉलेज गेट पर हंगामा किया।
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एकजुट छात्रों ने अभिभावकों के साथ सीबीएसई बोर्ड के रीजनल कार्यालय पर पहुंच कर बोर्ड का घेराव किया। बोर्ड के अधिकारियों ने उन्हें समझा बुझाकर वापस लौटाया। दसवीं के छात्र सुरेश मिश्रा, सुमित कुमार, शुभ केसरवानी आदि ने बताया कि विद्यालय और बोर्ड के बीच उनका भविष्य खराब हो रहा है, यदि जल्दी परिणाम घोषित नहीं किया गया तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंगे। इस संदर्भ में स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. अरुण प्रकाश और प्रशासनिक अधिकारी सुमित कुमार से फोन पर बात करने का प्रयास किया लेकिन उनके संपर्क नहीं हो सका।