थरवई के हेतापट्टी बाजार में पंखिया गिरोह के जिन बदमाशों ने डकैती व हत्या की वारदात अंजाम दी, वह 10 दिन पहले ही परेड ग्राउंड में डेरा डाला था। इनमें पुरुषों के अलावा महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, घटना वाली रात ही रहस्यमय तरीके से सभी फरार हो गए। उधर गिरोह के सदस्यों की धरपकड़ के लिए सहारनपुर के साथ ही पुलिस टीमों ने शाहजहांपुर में भी दबिश दी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक कि पड़ताल में यह बात साफ हो चुकी है कि खानाबदोश पंखिया गिरोह ने ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। इनमें फिलहाल छह बदमाशों की संलिप्तता की बात सामने आई है जिनके बारे में पता चला है कि वह घटना के बाद सहानपुर चले गए। उधर यह बात भी सामने आई है कि गिरोह के सदस्य 10 दिन पहले ही दारागंज स्थित परेड ग्राउंड में डेरा डाला था। इनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे जो चौराहों पर अक्सर भीख मांगते दिखाई पड़ जाते थे। माना जा रहा है कि वारदात से पहले ही बदमाशों ने अपने घर परिवार व डेरे के लोगों को बता दिया था कि उन्हें बोरिया बिस्तर बांधकर निकल जाना है।
नए डेरे की सुरागरशी में लगी एक टीम
सूत्रों के मुताबिक, परेड ग्राउंड से पंखिया के सदस्यों के फरार होने के बाद अब एक टीम उनकी सुरागरशी में लगी है। आसपास के इलाकों के साथ ही नैनी, झूंसी व फाफामऊ में लगातार अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है। दरअसल पुलिस को इनपुट मिला है कि वारदात में शामिल छह बदमाश तो घटना के बाद जिला छोड़कर भाग निकले।
हालांकि उनके गिरोह में शामिल महिलाओं व बच्चों के बारे में माना जा रहा है कि उनका इतनी जल्दी सारा सामान लेकर जनपद से बाहर निकल पाना संभव नहीं है। ऐसे में आशंका यह भी है कि उन्होंने परेड ग्राउंड से हटकर आसपास या देहात के किसी इलाके में डेरा डाल दिया हो। यही वजह है कि पुलिस फिलहाल यही पता लगाने में जुटी है कि क्या किसी क्षेत्र में खानाबदोशों का नया डेरा बना है।
पड़ोसी जनपदों की पुलिस से भी मांगी गई मदद
घटना के खुलासे के लिए आसपास के जनपदों की पुलिस से भी मदद ली जा रही है। इस बात की भी आशंका है कि घटना के बाद परेड ग्राउंड छोड़कर पंखिया गिरोह के सदस्यों ने आसपास के जनपद जैसे प्रतापगढ़, कौशाम्बी, भदोही में अपना ठिकाना बना लिया हो।
शाहजहांपुर के मदनापुर, मिल्किया में दबिश
उधर पंखिया गिरोह के बारे में एक अहम जानकारी और पुलिस के हाथ लगी। पता चला कि यह गिरोह के सदस्य मुख्यत: शाहजहांपुर के मदनापुर, मिल्किया, ईशापुर व बलरामपुर के रहने वाले हैं। ऐसे में प्रयागराज पुलिस की एक टीम लगातार इन स्थानों पर दबिश दे रही है।
छह महीने पहले बिहार में फैलाई थी सनसनी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पंखिया गिरोह के बारे में पता चला है कि करीब छह महीने पहले इस गिरोह ने बिहार के जमुई, लखीसराय समेत अन्य कई जिलों में डकैती, लूटपाट की ताबड़तोड़ वारदातें अंजाम देकर सनसनी फैला दी थीं। सबसे खास बात यह है कि इन घटनाओं को करने का तरीका भी बिल्कुल वैसा ही था, जैसा कि थरवई कि घटना में किया गया। वहां भी खासकर गहनों की दुकानों को ही निशाना बनाया गया और चौकीदार को बंधक बनाकर हमला किया गया।
अफसर बोले- जल्द होगा खुलासा
फिलहाल इस मामले में पुलिस अफसर ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। एसीपी थरवई जंगबहादुर यादव का कहना है कि सभी पांच टीमें लगी हैं। कोशिश यही है कि जल्द से जल्द मामले का खुलासा किया जाए।