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एक-दो सेंटीमीटर की कमी, गंगा-यमुना का जलस्तर स्थिर

Thu, 02 Aug 2018 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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उफान पर बह रही गंगा - फोटो : अमर उजाला
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तेजी से बढ़ रही गंगा-यमुना के जलस्तर ने जहां मंगलवार को कछार, निचले इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी थी, वहीं बुधवार को थोड़ी राहत रही। शाम चार से आठ बजे के बीच दोनों नदियों का जलस्तर लगभग स्थिर रहा। इसी तरह हरिद्वार, नरोरा से भी 5,289 क्यूसेक कम जल छोड़ा गया। मंगलवार को जहां हरिद्वार तथा नरोरा से कुल मिलाकर 1,98,187 क्यूसेक जल गंगा में छोड़ा गया था। वहीं बुधवार को नरोरा से 1,47,395 क्यूसेक और हरिद्वार से 46,503 क्यूसेक यानी कुल मिलाकर 1,93,898 क्यूसेक जल गंगा में छोड़ा गया।
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक बुधवार को रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी लेकिन छतनाग में एक सेंटीमीटर और नैनी में यमुना में दो सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। फिलहाल गंगा अभी खतरे के निशान से फाफामऊ में 6.054 मीटर, छतनाग में 7.484 मीटर और नैनी में यमुना 6.754 मीटर नीचे बह रही है। सुबह आठ बजे तक दर्ज आंकड़ों के मुताबिक बीते चौबीस घंटे में फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.680 मीटर तथा छतनाग में 77.250 मीटर जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर 77.980 मीटर रिकार्ड किया गया था।

वैसे गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी और बाढ़ की आशंका से बुधवार को संगम क्षेत्र में अनेक तीर्थपुरोहितों, गंगापुत्र घाटियों ने अपना तख्त पीछे हटा लिया तो कई तीर्थपुरोहितों, गंगापुत्र घाटियों ने अपना थोड़ा-थोड़ा सामान घर भिजवाना भी शुरू कर दिया। प्रशासनिक स्तर पर भी बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों के अलावा पुलिस, पीएससी, एनडीआरएफ को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
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बाढ़ पीड़ितों की मदद को जुटाएं सामग्री
0 कॉरपोरेट संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थानों, अन्य दानदाताओं से लें मदद
इलाहाबाद। बाढ़ के मद्देनजर बुधवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह ने इलाहाबाद के उप जिलाधिकारी और सभी तहसीलदारों को बाढ़ प्रबंधन व राहत कार्यों के मद्देनजर कॉरपोरेट संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थानों तथा अन्य दानदाताओं से सहयोग लेेने को कहा है। इसके तहत ड्राई राशन, कपड़े, बर्तन, पानी की बोतलें, कम्बल, तिरपाल, जरीकेन, सेनेटरी नैपकिन, दवाइयां आदि प्राप्त करने और उसे जरूरतमंदों के बीच बांटे जाने के लिए दिशा निर्देश दिए हैं। प्रदेश के सचिव एवं राहत आयुक्त से मिले निर्देशों के क्रम में ही संबंधित अफसरों को अपनी-अपनी तहसीलों में स्थित कॉरपोरेट संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा अन्य दानदताओं से संपर्क स्थापित करके सामग्री प्राप्त करने और उसे बांटने के लिए कहा गया है।
0 बाढ़ राहत केंद्रों को मिलें सभी सुविधाएं
प्र्रशासन की ओर से इलाहाबाद के उप जिलाधिकारी और सभी तहसीलदारों को बाढ़ के दौरान राहत कैम्पों के प्रबन्धन के बारे में सजग रहने के साथ ही बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों/परिवारों को अच्छी से अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने केलिए भी कहा गया है।
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