ट्रिपलआईटी के दो मेधावियों ने बनाया देसी ड्रोन, शीर्ष स्टार्टअप में चयनित
इंडो-कनाडा के संयुक्त कार्यक्रम के तहत पूरे देश में चुने गए दस लोगों में शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के दो छात्रों शैफाली विनोद रामटेक और पावन कुमार को पूरे भारत में शीर्ष दस तकनीकी स्टार्टअप में कनाडा इंडिया एक्सेलेरेशन प्रोग्राम 2018 के फाइनल के लिए चुना गया है। यह चयन कनाडा-इंडिया एक्सेलेरेशन प्रोग्राम 2018 के तहत हुआ है, जो कि एआईसीटीई इंडिया और कार्लेटन विश्वविद्यालय, कनाडा की संयुक्त पहल है। इसके तहत तकनीकी क्षेत्र में मेधावियों को स्टार्टअप के दो सप्ताह के प्रमोशन कार्यक्रम के लिए चुना जाता है। ट्रिपलआईटी के दोनों मेधावियों ने आधुनिक खेती के लिए देसी ड्रोन बनाया है।
ड्रोन को कार्लेटन यूनिवर्सिटी, ओटावा में सितंबर माह में प्रस्तुत किया जाएगा। ट्रिपलआईटी के निदेशक प्रोफेसर पी नागभूषण ने इन स्टार्टअप पीएस -1925 छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि इस उपलब्धि ने संस्थान को गौरवान्वित किया है । शैफाली और पावन को तकनीकी क्षेत्र में आगे काम करने के लिए धनराशि के अलावा तकनीकी निर्देशन, सहयोग तथा नार्थ अमेरिका के बाजार में पहुंच भी मिलेगी। इनके द्वारा तैयार प्रोजेक्ट का नाम देसी ड्रोन फॉर प्रीसीजन एग्रीकल्चर एंड स्मार्ट फारमिंग- कृषि-पीएस 1925 है। यह प्रोजेक्ट आधुनिक खेती के लिए डाटा विश्लेषण और खेती बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके लिए किसान बेहतरीन उपज के साथ ही बाजार की स्थिति का मूल्यांकन करने में सक्षम होंगे। यह कृषि तकनीकी के बारे में सुगमता से सूचनाएं उपलब्ध कराएगा, जिससे किसानों को कम समय में बेहतर उपज और उसका मूल्य प्राप्त हो सकेगा। दावा किया है कि यह तकनीकी कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन ला सकेगी। इससे पूर्व कनाडा- इंडिया एक्सीलरेशन के माध्यम से टॉप 15 छात्रों को 25 जून 2018 को एआईसीटीई हेडक्वार्टर नई दिल्ली मेें सम्मानित किया जा चुका है।