खाना खाने के बाद रात तकरीबन दस बजे दोनों भाई घर के लिए निकले थे। झूंसी पुलिस बूथ के पास पहुंचने पर अचानक स्विफ्ट डिजायर कार से दो लोग आए जिसमें नीरज का बड़ा पिता ज्ञानेंद्र यादव उर्फ समुंदर भी शामिल था। इसी दौरान मोहित यादव पुत्र महरानीदीन निवासी सोरांव ने नीरज को गोली मार दी। गोली उसके पेट में जा लगी।
राहुल के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों के साथ ही शुभम व संजीव कुमार मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में नीरज को लेकर एसआरएन गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक के मौत की खबर उसके घर पहुंची तो कोहराम मचा गया। मां ऊषा देवी और बहन का रो-रोकर बुरा हाल था। मौके पर ग्रामीण भी जुटे रहे। पुलिस ने ज्ञानेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। मोहित की तलाश में दबिश दी जा रही थी।
बर्थ डे पार्टी में हुआ था झगड़ा, तीन कार में सवार थे नीरज के दोस्त
पता चला है कि जिस बर्थ डे पार्टी में नीरज और राहुल शामिल होने गए थे। वहां मोहित यादव भी मौजूद था। बर्थ डे पार्टी में ही किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई थी। रात तकरीबन दस बजे राहुल और नीरज घर लौट रहे थे। इनके पीछे ही मोहित भी अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से था। सूत्रों की माने तो तीन कार में आधा दर्जन से ज्यादा दोस्त सवार थे। पुलिस बूथ के पास पहुंचने पर दोबारा दोनों में विवाद शुरु हुआ जिसके बाद मोहित ने नीरज के ऊपर गोली चला दी। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही मोहित की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के दोस्त शुभम, साकेत श्रीवास्तव, शुभम केसरवानी, संजीव कुमार और मनीष राय को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।
सीएम योगी को काला झंडा दिखाकर सुर्खियों में आया था मोहित
तकरीबन दो साल पहले सीएम योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने के बाद सोरांव-मऊआइमा के हरकपुर गांव का रहने वाला मोहित यादव सुर्खियों में आया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। वह अपने आप को समाजवादी पार्टी का नेता भी बताता था। सीएम योगी को काला झंडा दिखाने के बाद की घटना से उसकी साख बढ़ती चली गई। कुछ ही माह बाद उसने एक कार भी खरीद ली थी।
बड़े पिता से जमीन को लेकर चल रहा है विवाद
थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव के रहने वाले नीरज यादव उर्फ समर की हत्या का आरोप उसके बड़े पिता ज्ञानेंद्र यादव पर लगा है। परिजनों की माने तो ज्ञानेंद्र के ललकराने पर ही मोहित ने गोली मारकर नीरज की हत्या कर दी। असल में नीरज के पिता महेंद्र और ज्ञानेंद्र के बीच जमीन को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। पता चला है कि महेंद्र का मानसिक संतुलन ठीक न होने का फायदा उठाकर ज्ञानेंद्र ने करोड़ों की जमीन हथिया ली थी।