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बिजली विभाग में करोड़ों रुपये के सामानों की हेराफेरी की शुरू हुई विजिलेंस जांच

Sun, 04 Jul 2021 08:40 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • एसडीओ से पूछताछ, स्टोर में जमा कराए गए पांच करोड़ रुपये के सामानों का विजिलेंस को नहीं मिल रहा हिसाब, खंगाल जा रहे हैं रिकार्ड
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विस्तार
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यूपीपीसीएल के एक पूर्व एमडी के करीबी ठेकेदार की इलेक्ट्रिकल फर्म के अवैध गोदामों में छिपाए गए बिजली विभाग के करोड़ों रुपये के सामानों के रिकार्ड की विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले में स्टोर के एसडीओ समेत कई अधिकारियों से पूछताछ की गई है। जल्द ही स्टोर के रिकार्ड खंगाले जा सकते हैं। इस मामले को लेकर कई और अफसर जांच के दायरे में आ सकते हैं। कागज पर उन सामानों को जमा कराए जाने के बाद अब उसका लेखाजोखा नहीं मिल पा रहा है। इसेे लेकर विभाग की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। 

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वर्ष 2019 में इस यूपीपीसीएल की विजिलेंस टीम की जांच के बाद इस इलेक्ट्रिकल फर्म की ओर सेे करीब पांच करोड़ रुपये के ट्रांसफारमर, केबल समेत अन्य सामानों को बिजली विभाग के स्टोर में जमा कराने की जानकारी दी गई थी। अब विजिलेंस ने उस रिकार्ड की जांच शुरू की है, जिसके तहत सामान स्टोर में जमा कराए गए हैं। स्टोर में जमा कराए गए उन सामानों की सूची विजिलेंस की ओर से बिजली विभाग से मांगी गई है। इस मामले में एसडीओ स्टोर घनश्याम त्रिपाठी से पूछताछ भी की गई।

जांच - फोटो : demopic
एसडीओ ने विजिलेंस के अफसरों को बताया है कि स्टोर में किस ठेकेदार की ओर से कब और कितना सामान जमा कराया गया है, इसका हिसाब देना अब मुश्किल है। एसडीओ का कहना है कि किसी ठेका फर्म से टेंडर वाइज सामान जमा नहीं कराया जाता। इसका रिकार्ड उनके पास फिलहाल उपलब्ध नहीं है। कहा जा रहा है कि किसी उपकेंद्र के निर्माण या अन्य कार्यों के लिए स्टोर से अधिक सामानों की निकासी होने पर बाद में ऐसे पार्ट्स को वापस जमा कराया जाता है, लेकिन वह किसी ठेका फर्म के नाम से नहीं, बल्कि जेई अपने खाते में जमा कराते हैं। इससे अब इस मामले की जांच में पेच फंसने लगा है। फिलहाल जल्द ही विजिलेंस की टीम नैनी स्थित स्टोर पर रिकार्ड खंगालने के लिए पहुंच सकती है।
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Electricity - फोटो : पेक्सेल्स
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में पूर्व एमडी की गिरफ्तारी के बाद इस ठेका फर्म के गोदाम खंगाले गए थे। उस समय भी विजिलेंस के अधिकारियों ने वीडियो रिकार्डिंग कराने के साथ ही गोदामों, भवनों के बाहर बड़ी मात्रा में रखे गए बिजली विभाग के केबल, पोल, तार व अन्य सामानों के बारे में कुछ अफसरों के बयान भी लिए थे। शासन को शिकायत मिली है कि पूर्व एमडी जब इस शहर में एसडीओ के पद पर तैनात थे, तभी से उनके करीबी रहे कुछ लोगों ने करोड़ों रुपये के बिजली विभाग के सामानों की हेराफेरी की थी।

मेरे पास जितनी जानकारी थी, वो सब विजिलेंस को दे दी है। स्टोर में किसी भी ठेकेदार या ठेका कंपनी के नाम पर सामानों को वापस जमा नहीं कराया जाता। ऐसे में किसी ठेका कंपनी के नाम पर जमा कराए गए सामान का विवरण देना मुश्किल है। घनश्याम त्रिपाठी, एसडीओ। 
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