फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Allahabad Highcourt - पूजा का अधिकार मांगने से मस्जिद का स्वरूप नहीं बदल सकता, स्थानीय प्रशासन को दी यह सलाह

Sat, 03 Jun 2023 06:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोर्ट ने अपने 65 पेज के आदेश में कहा है कि शृंगार गौरी, भगवान गणेश, भगवान हनुमान की पूजा करने से मस्जिद के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं होगा।
विज्ञापन
allahabad highcourt
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शृंगार गौरी सहित अन्य देवी-देवताओं की नियमित पूजा की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर आए फैसले में कई अहम टिप्पणियां की हैं। कोर्ट ने अपने 65 पेज के आदेश में कहा है कि शृंगार गौरी, भगवान गणेश, भगवान हनुमान की पूजा करने से मस्जिद के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके साथ स्थानीय प्रशासन या सरकार कुछ ऐसा उपबंध कर सकती है, जिससे हिंदू भक्त नियमित पूजा कर सकते हैं, जिसका कि कानून से कोई मतलब नहीं होगा।

विज्ञापन


कोर्ट ने राखी सिंह व चार अन्य की याचिका पर कहा कि याचियों की ओर से वाराणसी कोर्ट के समक्ष दाखिल याचिका में मंदिर की बाहरी दीवार पर मां शृंगार गौरी और अन्य देवी-देवताओं की पूजा करने का अधिकार मांगा गया है। याचिका में मस्जिद परिसर में किसी बदलाव की बात नहीं है या इसके स्वरूप में परिवर्तन करने की बात नहीं है। इसलिए, पूरे वर्ष देवी और देवताओं की पूजा करने के अधिकार को लागू करने पर पूजा स्थल अधिनियम के तहत रोक नहीं लगती है।

अंजुमने इंतजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की पीठ ने कहा कि यह याचिका पूजा के अस्तित्व के अधिकार को लागू करने की मांग करती है। जिसका प्रयोग हिंदू भक्त 15 अगस्त 1947 के बाद से कर रहे हैं। यह 1993 तक किया जा रहा था। उसके बाद यह पूजा साल भर में एक दिन के लिए हो गई।
विज्ञापन


मामले में कोर्ट ने अंजुमने इंतजामिया मसाजिद कमेटी की आपत्तियों को भी नहीं माना कि हिंदू पक्ष जो मांग कर रहे हैं, वह एक धार्मिक सामुदायिक अधिकार है। इसके बजाय यह उनके व्यक्तिगत अधिकार से जुड़ा हुआ भी मामला है। कोर्ट ने कहा कि हिंदू भक्तों में से कोई भी व्यक्ति, जिसे किसी भी दिन पूजा के अधिकार से वंचित किया जाता है, उस दिन कार्रवाई शुरू करने का अधिकार होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें