बीएसए शाहजहांपुर ने पहले ही कर दिया था इनकार
याचिका दाखिल कर याची का कहना था कि सरकार के शासनादेश पांच मार्च 2021 में यह व्यवस्था दी गई है कि बीटीसी के नम्बर में किसी भी प्रकार का परिवर्तन जो बैकपेपर से होगा, उसका भी अधिकारी संज्ञान लेंगे। जबकि याची के इस माँग को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शाहजहांपुर ने पहले ही मानने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया था कि याची को शासनादेश पांच मार्च 2021 का लाभ नहीं मिल सकता।
हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि कानून का यह प्रतिपादित सिद्धांत है कि किसी भी अभ्यर्थी के योग्यता का परीक्षण प्रार्थना पत्र देने की अंतिम तिथि तक होना चाहिए। याची टीचर के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 22 दिसम्बर 2018 तक बीटीसी की योग्यता नहीं रखती थी। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर कि याची बैकपेपर से बीटीसी परीक्षा पास हो गयी है, इसका मतलब यह नहीं कि उसे भूतलक्षी प्रभाव से टीचर पद के लिए अर्ह माना जाए।