आजमगढ़ में एक पार्क व खेल मैदान को लेकर विवाद है। इस मामले में याची राम सूरत ने याचिका दायर कर पार्क और खेल मैदान पर हुए निर्माण को हटाने के लिए संबंधित अधिकारी द्वारा 13 अक्तूबर 2022 को दिए गए आदेश को लागू करने की मांग की गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ स्थित एक पार्क व खेल मैदान में हुए निर्माण को हटाने के लिए दायर की गई जनहित याचिका की सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने याची पर मामले में लंबित मुकदमे की जानकारी छुपाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि जनहित याचिका दायर कर उस आदेश को लागू कराने की मांग की जा रही है, जिसके विरुद्ध अपील लंबित है। याची के इस आचरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति विकास बुधवार की कोर्ट दिया।
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आजमगढ़ में एक पार्क व खेल मैदान को लेकर विवाद है। इस मामले में याची राम सूरत ने याचिका दायर कर पार्क और खेल मैदान पर हुए निर्माण को हटाने के लिए संबंधित अधिकारी द्वारा 13 अक्तूबर 2022 को दिए गए आदेश को लागू करने की मांग की गई। इस मामले में प्रतिवादी आजमगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याची ने कोर्ट से महत्वपूर्ण तथ्य छुपाया है।
कहा कि इस पार्क और खेल मैदान से संबंधित मामले में आयुक्त के समक्ष पुनरीक्षण दायर किया गया है। जिसमें आयुक्त की ओर से दिए गए आदेश पर उच्च न्यायालय की ओर से रोक लगा दी गई। इसकी जानकारी दिए बिना याची ने जन हित याचिका दायर कर पार्क और खेल मैदान में हुए निर्माण को ढहाने की मांग की। कोर्ट ने याची पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए याचिका खारिज कर दी।