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संगम क्षेत्र टापू में तब्दील, पुरोहितों के डेरे-तंबू हटे, महावीर मार्ग से अक्षयवट और संगम जाने का रास्ता बंद

Sun, 09 Aug 2020 01:35 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
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गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि से शनिवार को संगम क्षेत्र टापू में तब्दील हो गया। अक्षयवट और महावीर मार्ग से संगम जाने का रास्ता बंद हो गया। इस दिन कानपुर बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा में जल दबाव बढ़ गया है। दो सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर बढ़ने से तीर्थपुरोहितों, फेरीवालों और पूजा-प्रसाद के दुकानदारों की मुसीबत बढ़ गई है।

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prayagraj news - फोटो : prayagraj
दो दिन के भीतर गंगा का जलस्तर आधा मीटर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में परेशानी बढ़ गई है। किला के आसपास से लोग अपनी झोपड़ियां और टेंट समेटने लगे हैं। सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम के अनुसार शनिवार की शाम यमुना का जलस्तर 75.08 मीटर पर पहुंच गया। जबकि, फाफामऊ में 78.58 और छतनाग में 74.58 मीटर पर बह रही हैं।

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जलस्तर बढ़ने से संगम नोज चारों तरफ से पानी से घिर गया। इससे अक्षयवट और महावीर मार्ग से संगम जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। कुछ तीर्थपुरोहितों ने बढ़ते जलस्तर के साथ रेती पर ही अपनी चौकियां खिसकानी शुरू कर दी हैं, जबकि सैकड़ों पुरोहितों ने अपने साजो -सामान समेट लिए। शनिवार को भी पचासों दुकानें अक्षयवट मार्ग और आरती स्थल के आसपास लगा दी गईं।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
बाढ़खंड के एक्सईएन ब्रजेश सिंह केमुताबिक पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है। इसके अलावा शनिवार को कानपुर बांध से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में तेजी आ गई है। एक्सईएन के मुताबिक बाढ़ग्रस्त इलाकों में लगातार निगरानी के साथ ही बांधों के गेट पर नजर रखी जा रही है, ताकि समय रहते किसी भी स्थिति से निबटा जा सके। उधर, बाढ़ नियंत्रण के लिए एनडीआरएफ की टीमों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। 
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