थाने का सीसीटीवी फुटेज अहम साक्ष्य
सूत्रों का कहना है कि इस खेल में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कर्नलगंज थाने का सीसीटीवी फुटेज अहम साक्ष्य साबित हो सकता है। दरअसल यह बात भी सामने आई है कि जिस स्कूटी के साथ गवाह को पकड़ा गया, उस स्कूटी को पहले कर्नलगंज थाने ले जाया गया और इसके बाद उसे हंडिया थाने भेजकर दाखिल कराया गया। साथ ही बीच रास्ते ही ओरिजिनल नंबर प्लेट बदलकर उस पर ट्रक की नंबर प्लेट लगा दी गई। सूत्रों का कहना है कि कर्नलगंज थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में स्कूटी की तस्वीरें कैद है। ऐसे में यहां का फुटेज इस खेल केखुलासे में अहम साक्ष्य साबित हो सकता है।
फर्जी गिरफ्तारी में शामिल अन्य भी रडार पर
दुष्कर्म के गवाह को फर्जी तरीके से जेल भेजने के मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मी भी जांच अफसर के रडार पर हैं। दरअसल खेल में शामिल इंस्पेक्टरों व दरोगा के कहने पर एसओजी टीम के चार सिपाहियों ने गवाह को फर्जी तरीकेसे पकड़कर हंडिया थाने पहुंचा था। जहां से उसे जेल भेजा गया। सूत्रों का यह भी कहना है कि इनमें भी तीन सिपाही उसी जाति के हैं जो दोनों इंस्पेक्टर और दुष्कर्म के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर की है।