चहेतों को मनमानी तरीके से दिए गए टेंडर
एसई द्विवेदी ने बताया कि जब तक जांच प्रक्रिया चल रही है, तबतक के लिए उनको टेंडर कमेटी से बाहर किया गया है। सड़कों का जाल बिछाने के लिए विधान सभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले बीती 19 जनवरी को कौशाम्बी जिले में 41 सड़कों के लिए टेंडर कराए गए थे। करोड़ों रुपये की लागत वाली इन सड़कों के टेंडर को चहेतों को दिलाने के लिए अफसरों ने जमकर मनमानी की।
सड़क निर्माण में पारदर्शिता बरतने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रहरी एप से टेंडर डाले जाने की व्यवस्था की, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न होने पाए, लेकिन आरोप है कि टेंडर खोले जाने की निर्धारित तारीख से पहले ही अभियंताओं ने अपने चहेते ठेकेदारों के टेंडर के रेट में बदलाव कर दिया। आरोप है कि अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता के डिजिटल हस्ताक्षर वाले डोंगल को लगाकर चहेते ठेकेदारों के रेट में बदलाव किया गया। इससे कई टेंडर 21 से 20-19 प्रतिशत कम रेट पर आ गए।