Prayagraj News : धूप से बचने के लिए कुछ इस तरह निकले लोग।
- फोटो : प्रयागराज
रिकॉर्ड तोड़ने की तरफ बढ़ रही गर्मी
बदलते मौसम का असर होली से ही दिखने लगा था। मार्च में ही गर्मी अपने पिछले रिकार्ड तोड़ने की तरफ बढ़ने लगी थी। अप्रैल की शुरुआत के बाद तो गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया। सोमवार को तेज धूप व गर्म हवा के थपेड़ों से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटे जैसी स्थिति बन गई। कार्यालयों में भी कर्मचारी गर्मी से बचने का उपाय खोजते नजर आए।
बाजारों में दुकानों पर रोज की अपेक्षा कम ग्राहक रहे। हालत यह रही कि जरूरी काम से ही लोगों ने घरों से बाहर निकलना मुनासिब समझा। उधर मौसम विज्ञानियों की मानें तो आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति इसी प्रकार बनी रहेगी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वातावरण एवं समुद्र विज्ञान विभाग के डॉ. शैलेंद्र राय के मुताबिक मार्च में गर्मी ने 122 साल पुराना रिकार्ड तोड़ा था।
Prayagraj News : चिलचिलाती धूप से बचने के लिए कुछ इस तरह निकलीं महिलाएं।
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इस बार पश्चिमी विक्षोभ नहीं बना
अप्रैल में भी उसी प्रकार की स्थिति बनी हुई है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि इस बार पश्चिमी विक्षोभ नहीं बना। पहले मार्च और अप्रैल में पश्चिमी विक्षोभ बनने से हल्की बारिश हो जाती थी, जिससे तापमान नियंत्रित रहता था। लेकिन इस बार ऐसा होता नहीं दिख रहा है। साथ ही अरब सागर में भी नमी वाली हवाएं नहीं बन रही हैं। यही कारण है कि तापमान में कमी नहीं आ रही है।
सक्रिय हो रहा है बंगाल की खाड़ी का मानसून
मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैस सक्रिय है, इसके कारण तापमान में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी का मानसून जल्द सक्रिय होने वाला है, जिससे दक्षिण भारत की तरह ही उत्तर भारत में भी बारिश की संभावना बन गयी है।