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तापमान : आसमान से बरस रही आग, यूपी में प्रयागराज रहा सबसे गर्म, पारा 43 के पार

Mon, 04 Apr 2022 10:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पूरा उत्तर प्रदेश लू की चपेट में आकर प्रचंड गर्मी झेल रहा है। पारा लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम बुलेटिन के मुताबिक, सोमवार को प्रयागराज सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 43.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 6.8 डिग्री अधिक रहा।
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Prayagraj News : चिलचिलाती धूप से बचने के लिए कुछ इस तरह निकलीं महिलाएं। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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पूरा उत्तर प्रदेश लू की चपेट में आकर प्रचंड गर्मी झेल रहा है। पारा लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम बुलेटिन के मुताबिक, सोमवार को प्रयागराज सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 43.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 6.8 डिग्री अधिक रहा। वहीं वाराणसी में  अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री बना रहा, यह सामान्य से 6.6 डिग्री अधिक रहा। आने वाले रविवार तक यही हाल बना रहने की चेतावनी मौसम विभाग दे रहा है।
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अप्रैल के पहले ही सप्ताह में  पारा 43 के पार

इस बार गर्मी पिछले कई वर्षों के रिकार्ड तोड़ने की तरफ बढ़ रही है। अप्रैल की शुरुआत में ही पारा 43.2 डिग्री के पार पहुंच गया है। आसमान से पूरे दिन बरस रही आग लोगों की परेशानी का सबब बन रही है। अमूमन अप्रैल के महीने में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। लेकिन सोमवार को प्रयागराज का तापमान 43.2 तक पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान 20.06 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

Prayagraj News : धूप से बचने के लिए कुछ इस तरह निकले लोग। - फोटो : प्रयागराज
रिकॉर्ड तोड़ने की तरफ बढ़ रही गर्मी

बदलते मौसम का असर होली से ही दिखने लगा था। मार्च में ही गर्मी अपने पिछले रिकार्ड तोड़ने की तरफ बढ़ने लगी थी। अप्रैल की शुरुआत के बाद तो गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया। सोमवार को तेज धूप व गर्म हवा के थपेड़ों से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटे जैसी स्थिति बन गई। कार्यालयों में भी कर्मचारी गर्मी से बचने का उपाय खोजते नजर आए।



बाजारों में दुकानों पर रोज की अपेक्षा कम ग्राहक रहे। हालत यह रही कि जरूरी काम से ही लोगों ने घरों से बाहर निकलना मुनासिब समझा। उधर मौसम विज्ञानियों की मानें तो आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति इसी प्रकार बनी रहेगी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वातावरण एवं समुद्र विज्ञान विभाग के डॉ. शैलेंद्र राय के मुताबिक मार्च में गर्मी ने 122 साल पुराना रिकार्ड तोड़ा था।
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Prayagraj News : चिलचिलाती धूप से बचने के लिए कुछ इस तरह निकलीं महिलाएं। - फोटो : प्रयागराज
इस बार पश्चिमी विक्षोभ नहीं बना

अप्रैल में भी उसी प्रकार की स्थिति बनी हुई है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि इस बार पश्चिमी विक्षोभ नहीं बना। पहले मार्च और अप्रैल में पश्चिमी विक्षोभ बनने से हल्की बारिश हो जाती थी, जिससे तापमान नियंत्रित रहता था। लेकिन इस बार ऐसा होता नहीं दिख रहा है। साथ ही अरब सागर में भी नमी वाली हवाएं नहीं बन रही हैं। यही कारण है कि तापमान में कमी नहीं आ रही है। 


सक्रिय हो रहा है बंगाल की खाड़ी का मानसून
मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक  वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैस सक्रिय है, इसके कारण तापमान में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी का मानसून जल्द सक्रिय होने वाला है, जिससे दक्षिण भारत की तरह ही उत्तर भारत में भी बारिश की संभावना बन गयी है।
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