प्रतापगढ़ में नायब नाजिर की हत्या के विरोध में प्रदर्शन करते कर्मचारी।
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आरोपी एसडीएम को बर्खास्त, पीड़ित परिजनों को मिले एक करोड़ मुआवजा
कर्मचारी इस घटना से भयभीत है और अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी से मारपीट करने का किसी भी अधिकारी को अधिकार नहीं है। इस घटना ने प्रशासन की छवि को खराब किया है।
उन्होंने कहा कि संगठन आरोपी एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम को बर्खास्त करने व उनके साथ ही अन्य तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक आश्रितों को एक करोड़ रूपए मुआवजा व नौकरी के साथ पूरे प्रकरण की एसआईटी जांच कराने की मांग करता है। यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर आगे आंदोलन की रणनीति तैयार होगी।
इसके पूर्व कुंडा, पट्टी, लालगंज, रानीगंज व सदर तहसील में आक्रोशित कर्मचारी नारेबाजी करते हुए तालाबंदी कर कलेक्ट्रेट रवाना हो गए। तहसीलों में तालाबंदी के चलते परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। सभी तहसीलों व मुख्यालय में कर्मचारियों के समर्थन में अधिवक्ता संगठन भी साथ खड़ा नजर आया। इस मौके पर हेमंत नंदन ओझा, अध्यक्ष मान सिंह, राम बरन सिंह, लाल साहब सिंह, बंशी समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। धरना प्रदर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया।