फर्जी आईडी के जरिए बिजली बिलों के संशोधन के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच शुरू हो गई है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी के बालाजी की ओर से गठित जांच टीम ने बृहस्पतिवार को गंगापार डिवीजन के एक्सईएन एके मिश्रा के अलावा अन्य अफसरों से इस प्रकरण के बारे में जानकारी ली और रिकार्ड तलब किए। मुख्य अभियंता ओपी यादव ने इसकी पुष्टि की।
मिर्जापुर के अधीक्षण अभियंता विनोद पांडेय के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी सुबह ही प्रयागराज पहुंच गई। जांच टीम ने विद्युत वितरण खंड द्वितीय गंगापार के एक्सईएन समेत कई अधिकारियों से इस मामले में जानकारी ली। पिछले वर्षों के बिल रिवाइज से संबंधित लेजर भी निकाले जा रहे हैं।
पता चला है कि फ्लूएंट ग्रिट प्राइवेट लिमिटेड के कर्मियों और बिजली विभाग के लिपिकों के अलावा जेई,एसडीओ और एक्सईएन के स्तर पर बिल रिवाइज (बीआर)प्रपत्र भरकर बड़े पैमाने पर खेल किया गया है। इसमें फ्लूएंट कंपनी की ओर से लिपिकों के अलावा जेई, एसडीओ व एक्सईएन के नाम से चार से पांच आईडी एक साथ चलाए जाने की भी जानकारी मिली है।