Teacher imprisoned for life for raping a minor
प्रयागराज। नर्सरी स्कूल के शिक्षक द्वारा छह साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत और दुष्कर्म का आरोप साबित होने पर स्पेशल कोर्ट पॉस्को एक्ट ने अभियुक्त बालकृष्ण शर्मा को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। पीड़ित परिवार से दुर्व्यवहार के आरोपी प्रधानाध्यापक रामकैलाश मौर्य को भी कोर्ट ने एक वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा दी है। कोर्ट ने जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है। सजा का आदेश आदेश विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट आलोक कुमार शुक्ल ने सुनाया।
एडीजीसी देवीशंकर मिश्रा और श्रीप्रकाश शुक्ल ने अभियुक्तों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य पेश किए। घटना 25 नवंबर 2014 की जिले के मऊआइमा थाने की है। पीड़िता अनुसूचित जाति की है। उसकी मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के नर्सरी स्कूल में उसकी छह साल की पुत्री पढ़ने गई थी। घर लौट कर आई तो उसकी हालत खराब थी। पूछने पर बताया कि स्कूल के शिक्षक बालकृष्ण शर्मा ने उससे गलत हरकत की है। वादिनी जब घटना की शिकायत करने स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षक के पास गई तो उसे गाली और धमकी देकर भगा दिया था।
पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से आरोप साबित करने के लिए पांच गवाह पेश किए गए। अभियुक्त ने बचाव में कहा कि वादिनी के एक परिचित उसकी जमीन से रास्ता निकालना चाहते थे, उसके इंकार करने पर उसे फंसा दिया। स्कूल के प्रिंसिपल की ओर से बचाव में कहा गया कि एक छात्र की फीस कम करने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर नाराज हो गए और मुकदमे में झूठा फंसा दिया। कोर्ट ने इन दलीलों को अस्वीकार करते हुए शिक्षक को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।