भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड की फर्जी डिग्री से सहायक अध्यापक बने लोगों की अपील हाईकोर्ट से खारिज होने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में पुनर्विचार अर्जी दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापकों की विशेष अपील 20 फरवरी को खारिज की थी। सहायक अध्यापकों ने पूर्व पारित फैसले पर कोर्ट से पुनर्विचार करने की मांग की है ।
राजीव कुमार व कई अन्य सहायक अध्यापकों की अलग-अलग दाखिल पुनर्विचार अर्जी पर न्यायमूर्ति एमएन भंडारी व न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने सुनवाई की। याचीगण के अधिवक्ता ने कहा कि एकल जज ने विश्वविद्यालय को निर्देश दिया था कि वह फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे अध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगे और जवाब मिलने के बाद उसके अनुरूप कार्रवाई करे।। कहा गया है कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी वह बतौर टीचर कार्य कर रहा है।
परंतु हाईकोर्ट के फर्जी डिग्री से टीचर बने लोगों की अपील खारिज करने के आदेश से उसे नुकसान हो सकता है। उसका कहना था कि उसने कोई अपील दाखिल नहीं की थीं, क्योंकि एकल जज का कोई आदेश उसके खिलाफ नहीं था। परंतु अपील में आए फैसले से उसे नुकसान हो सकता है। हाईकोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल है और सुप्रीम कोर्ट में 28 जून को सुनवाई होगी। कोर्ट ने कहा कि वह इन पुनर्विचार अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद 27 जुलाई को सुनवाई करेगी। इस बीच कोर्ट ने भर्ती बोर्ड को कहा कि वह पता करे कि इन अध्यापकों के मामले में क्या कार्रवाई की गई है।