इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय के प्रमुख सचिव अजय कुमार को कोर्ट आदेश का दो माह में पालन करने का अतिरिक्त समय दिया है और कहा है कि प्रथम दृष्टया अवमानना का केस बनता है। इसलिए आदेश का पालन कर याची को सूचित किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने हरनामू पाल की अवमानना याचिका पर दिया है।
याचिका में कहा गया कि याची ने 20 अक्तूबर 20 को एसओएस टेक पद की भर्ती में पूर्व सैनिक का दत्तक पुत्र के होने के नाते नियुक्ति में वरीयता देने की मांग की थी और गोद लेने वाले पिता पूर्व सैनिक राम बहादुर पाल का हलफनामा दिया कि वह दत्तक पुत्र है। गोदनामा पंजीकृत न होने के कारण अर्जी निरस्त कर दी गई। हाईकोर्ट ने याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि आदेश पास होने के बाद गोदनामा पंजीकृत हुआ है और गोदनामा 5 साल से 15 साल की आयु में नहीं लिया गया है। जिसे विशेष अपील में चुनौती दी गई।
खंडपीठ ने कहा कि गोद लेने वाले ने हलफनामा देकर कहा है कि 2001में गोद लिया गया है। यह साक्ष्य है और 2019 में गोदनामा पंजीकृत कराया गया है। इसपर खंडपीठ ने याची को चयन कमेटी को साक्ष्य देने और कमेटी को वरीयता देने पर विचार कर तय करने का निर्देश दिया। जिसका पालन नहीं किया गया।