1986 से अतीक के संपर्क में, प्रॉपर्टी में लगाया था पैसा
सूत्रों का कहना है कि अब्बास से पूछताछ के दौरान बेहद अहम खुलासे हुए हैं। पता चला है कि अतीक की मदद से ही उसने सिविल लाइंस में मैक टॉवर बनवाया। इसके बाद करेली में मैक टाॅउन के नाम से टाउनशिप भी बसाई। छत्तीसगढ़ में बेशकीमती 7.30 बीघा जमीन पर उसकी प्लॉटिंग की भी बात सामने आई। यह भी खुलासा हुआ कि वह 1986 से अतीक के संपर्क में था।
कुल 16 मुकदमे, तीन बार लगा गैंगस्टर
अब्बास पर कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं। 2002 व 2003 में उस पर क्रमश: जार्जटाउन, कोतवाली व खुल्दाबाद में गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि पीडीए ने सिविल लाइंस स्थित उसके व्यावसायिक भवन मैक टॉवर को सील कर दिया था। आरोप है कि मकान के ऊपरी हिस्से में अवैध निर्माण कराया गया था।
अतीक के शूटर ने बताया था नाम
2020 में अब्बास तब चर्चा में आया था जब अतीक के शूटर ने उसका नाम उगला था। मध्य प्रदेश के शहडोल में अतीक के खास शूटर मो.अख्तर उर्फ बालम को पकड़ा गया था। उसने पूछताछ में बताया था कि अतीक का कारोबार अब्बास ही देखता है। इसके बाद उसकी तलाश में दबिश के लिए तत्कालीन एडीजी जोन प्रेमप्रकाश ने खुद दबिश दी थी, लेकिन वह मौके से गायब हो गया था।