डॉ. राय ने आम लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि सावधानी बरतकर पटाखों के शोर से होने वाले बहरेपन से बचा जा सकता है। प्रयास करें कि रस्सी बम जैसे तेज आवाज वाले पटाखे न फोड़ें।
दीपावली पर तेज आवाज वाले पटाखे जलाने को लेकर बच्चों से लेकर बड़ों तक में उत्साह रहता है। ऐसे में जरूरी है कि पटाखे जलाते समय सभी को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यह बातें शुक्रवार को एएमए सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष राय ने कहीं।
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डॉ. राय ने आम लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि सावधानी बरतकर पटाखों के शोर से होने वाले बहरेपन से बचा जा सकता है। प्रयास करें कि रस्सी बम जैसे तेज आवाज वाले पटाखे न फोड़ें। पटाखाें की तेज आवाज के प्रभाव को कम करने के लिए कानों पर हाथ लगा लें या रुई से कान बंद कर लें।
पत्रकारवार्ता के दौरान नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकिता अग्रवाल ने कहा कि दिवाली पर हर बार ऐसे मामले आते हैं, जिसमें पटाखों से लोगों की आंखों की रोशनी ही चली जाती है। पटाखे जलाते समय आंखों को पहले पूरी तरह से सुरक्षित कर लें। यदि आंखों में कोई बाहरी कण चल गया है तो उसे रगड़ें नहीं बल्कि आंख को साफ पानी से धोएं।
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यदि बगल में कोई पटाखे जला रहा है या खुद पटाखे जला रहे हैं तो आंखों को सुरक्षित रखने के लिए चश्मा अवश्य पहनें। पटाखों को छूने के बाद बार-बार उसी हाथ से आंखों को छूने से बचें। इस दौरान एएमए के अध्यक्ष डॉ. कमल सिंह, पूर्व अध्यक्ष सुजीत सिंह, सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता, पीआरओ डॉ. अनूप चौहान आदि मौजूद रहे।