सिविल लाइंस में सड़क निर्माण में भारी गड़बड़ी पाई गई है। क्वालिटी के साथ निर्माण में भी मानकों का पालन नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले जिला प्रशासन ने इस तरह की गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया है। डीएम की सख्ती के बाद इलाहाबाद विकास प्राधिकारण के अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टी दी गई है। इनके अलावा अधिशाषी अभियंता को भी चेतावनी तथा मुख्य अभियंता को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। काम करने वाली संस्था मे.विजय सिंह को ब्लैक लिस्ट कर उसके सभी भुगतान जब्त कर लिए गए हैं। शेष काम कराने की जिम्मेदारी दूसरी संस्था को दे दी गई है। डीएम ने 27 मार्च तक काम में सुधार नहीं होने पर अन्य अफसरों के खिलाफ भी संख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम संजय कुमार, इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष देेवेंद्र कुमार पांडेय और अपर सचिव गुडाकेश शर्मा और मुख्य अभियंता आरएन सिंह ने बृहस्पतिवार को देर रात सिविल लाइंस का निरीक्षण किया। अफसरों ने सड़क निर्माण में कई स्तर पर गड़बड़ी पाई। खास यह कि काम पूरा होने की अवधि खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद 50 फीसदी भी काम नहीं हुआ है और जो हुआ है उसमें भी गड़बड़ी है। अफसरों ने पाया कि सड़क लेवलिंग बराबर नहीं है। सड़क निर्माण में प्रयुक्त मशीन ही खराब मिली। इससे सड़क की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ा। गिट्टी की मिक्सिंग मानक के अनुरूप नहीं थी।
इतना ही नहीं गिट्टी की साइज भी अधिक पाई गई। इससे सड़क असमतल हो गई। कई जगह तो गिट्टी निकलने भी लगी है। नाली का ढलान भी प्रापर नहीं पाया गया। इससे पानी रुकने तथा इसकी वजह से सड़क जल्द खराब होने की आशंका है। इन गड़बड़ियों के मद्देनजर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। डीएम ने सिविल लाइंस में लगे अवैध होर्डिंग पोस्टर, बैनर, फ्लैक्स आदि हटवाने के लिए भी निर्देश दिए। नए लैंप के खंभों से लगे पोस्टर, रस्सी आदि न हटाए जाने पर संबंधित अफसर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी दी।