सूचना मिलते ही ट्रेन को शंकरगढ़ स्टेशन पर रोके जाने का निर्णय लिया गया। हालांकि, ट्रेन का वहां ठहराव नहीं था। शाम 7:22 बजे ट्रेन शंकरगढ़ स्टेशन पर रोकी गई। इस बीच प्रयागराज कंट्रोल रूम ने वहां एक एंबुलेंस की व्यवस्था कर ली। शाम 7:45 बजे तक खुशी को शंकरगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया। वहां उसने रात 8:45 बजे उसकी नार्मल डिलीवरी हुई। उसने एक बच्ची को जन्म दिया। खुशी और उसके पति ने रेलवे प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा करने करने के साथ धन्यवाद दिया।